रांची, 10 जून (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यहां राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग करते हुए धरना दिया।
पार्टी नेताओं ने नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित विसंगतियों को लेकर झारखंड विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और बाद में धरने पर बैठ गए।
उन्होंने नाथवानी पर अपने नामांकन पत्र में गलत एवं अधूरी जानकारी देने का आरोप लगाया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा, ‘‘हम भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित गंभीर विसंगतियों और अधूरी जानकारी के मामले में निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनके नामांकन पत्र में कई तरह की विसंगतियां पाई हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग उन्हें इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए अतिरिक्त समय दे रहा है।’’
कमलेश ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक ने नाथवानी के नामांकन पत्र में कई विसंगतियां उजागर की हैं और उनका नामांकन रद्द करने के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि हालांकि, इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कांग्रेस की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में हमारे एक नेता का नामांकन बिना किसी स्पष्टीकरण के महज 15 मिनट के भीतर रद्द कर दिया गया। लेकिन यहां, नाथवानी के नामांकन पत्र में चार कमियां उजागर करने के बावजूद निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कोई फैसला न लेते हुए इसे लटका रखा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह साफ तौर पर निर्वाचन आयोग की नीयत को दर्शाता है और ऐसा लगता है कि आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक अधीनस्थ इकाई के रूप में काम कर रहा है।’’
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि उनका लोकतांत्रिक प्रक्रिया और भारत के संविधान से भरोसा उठ गया है।’’
साहू ने कहा, ‘‘वे निर्वाचन आयोग के उन अधिकारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं जो इस मामले को देख रहे हैं। झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का यह विरोध किसी भी तरह से स्वीकार्य या न्यायसंगत नहीं है। इससे साफ है कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव में अपनी नैतिक हार स्वीकार कर ली है।’’
आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य नाथवानी ने सोमवार को झारखंड की दो राज्यसभा सीट में से एक के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया था।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन अधिकारी ने उनके नामांकन पर फिलहाल फैसला रोकते हुए आपत्तियों के निस्तारण के लिए बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक का समय दिया था।
हालांकि, नाथवानी के एक करीबी सहयोगी ने दावा किया कि उनके नामांकन पत्र को लेकर उठाई गई आपत्तियों का समाधान कर दिया गया है।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है, जबकि मतदान 18 जून को होगा।
प्रदेश में दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के वास्ते किसी उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता मत हासिल करने होंगे।
झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन के 56 सदस्य हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास 24 विधायक हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21 तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), आजसू पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है।
भाषा सुमित नेत्रपाल
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