बोकारो, 12 अप्रैल (भाषा) झारखंड के बोकारो जिले से आठ महीने पहले लापता हुई 18 वर्षीय युवती के अवशेष मिलने के बाद मामले में कथित तौर पर लापरवाही करने वाले 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि महिला की हड्डियां और बाल जैसे अवशेष शनिवार को पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र में स्थित चास कॉलेज के पास एक सुनसान इलाके से बरामद किए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘युवती के अपहरण और हत्या की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में पिण्ड्राजोरा के प्रभारी अधिकारी सहित कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।’’
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘निलंबित पुलिसकर्मियों की आरोपी के साथ मिलीभगत थी और वे उसके साथ पार्टी करते हुए भी देखे गए तथा आरोपी के साथ पैसों का लेन-देन भी किया। इस वजह से आम लोगों के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई है।’’
सिंह ने कहा कि युवती के मोबाइल फोन की ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड’ और अन्य तकनीकी जानकारियों के विश्लेषण करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘तकनीकी, पारिस्थितिजन्य और मानवीय साक्ष्यों पर आधारित निरंतर पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।’’
सिंह ने कहा, ‘‘पीड़िता और आरोपी लगभग तीन साल से संपर्क में थे। आरोप है कि युवती उस पर शादी करने का दबाव डाल रही थी, जिसके कारण उसने हत्या की साजिश रची।’’
अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 21 जुलाई को जब युवती स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए चास कॉलेज गई थी, तब आरोपी उससे मिला और उसे लगभग 1.5 किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर ले गया।
सिंह ने कहा कि आरोपी ने वहीं पर युवती की चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया तथा लौटते समय खून से सना चाकू ठिकाने लगा दिया।
पुलिस ने बताया कि अपराधी ने अरोप स्वीकार कर लिया है और उसकी निशानदेही के आधार पर मौके पर गई पुलिस ने हड्डियों के 19 टुकड़े, बालों के गुच्छे, मृतका के कपड़े और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किया।
अधिकारियों ने कहा कि युवती की मां ने 24 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है।
इसने बताया कि तहरीर के आधार पर चार अगस्त 2025 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
मृतका की मां ने कथित तौर पर पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के एक रिश्तेदार पर कथित हमले के मामले में पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा को फटकार लगाई।
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने मिश्रा से सवाल किया कि कथित चूक को लेकर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू क्यों नहीं की गई।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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