झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिले में ‘सेरेब्रल मलेरिया’ से हुई मौतों की जांच के लिए टीम गठित

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिले में ‘सेरेब्रल मलेरिया’ से हुई मौतों की जांच के लिए टीम गठित

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिले में ‘सेरेब्रल मलेरिया’ से हुई मौतों की जांच के लिए टीम गठित
Modified Date: July 17, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: July 17, 2026 6:50 pm IST

जमशेदपुर, 17 जुलाई (भाषा) झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के कई प्रखंड में ‘सेरेब्रल मलेरिया’ से हाल ही में हुई मौतों की जांच के लिए सरकार ने शुक्रवार को तीन-सदस्यीय टीम गठित की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

‘सेरेब्रल मलेरिया’ से पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क में सूजन के साथ रक्त प्रवाह में बाधा आ सकती है।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, जून के आखिरी हफ्ते में इस बीमारी के फैलने की जानकारी मिलने के बाद से पोटका प्रखंड में सेरेब्रल मलेरिया से चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि दूसरी बीमारियों से जूझ रहे दो अन्य लोगों की मौत ‘मिश्रित मलेरिया’ की वजह से हो गई।

जब किसी व्यक्ति को एक ही समय में मलेरिया के एक से अधिक प्रकार के परजीवियों से संक्रमण हो जाता है तो उसे मिश्रित मलेरिया कहते हैं।

हालांकि, अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि इस दौरान पूर्वी सिंहभूम में सेरेब्रल मलेरिया से नौ लोगों की मौत हुई।

एक बयान के अनुसार, जिला अधिकारियों ने उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर जांच टीम गठित की है।

अधिकारियों ने बताया कि टीम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिलाधिकारी (कानून व्यवस्था) मुकेश मछुआ कर रहे हैं, जबकि इसके अन्य सदस्यों में सदर अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रंजीत पांडा और ‘एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम’ इकाई (महामारी वाली बीमारियां) के विशेषज्ञ डॉ. असद शामिल हैं।

टीम को विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन में देने को कहा गया है। बयान में कहा गया है कि दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीमारी से प्रभावित नौ प्रखंडों में सर्वाधिक प्रभावित पोटका प्रखंड है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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