कर्नाटक: अतिक्रमण हटाओ अभियान में आवास गंवाने वालों को मकान देने के खिलाफ भाजपा का विरोध प्रदर्शन

कर्नाटक: अतिक्रमण हटाओ अभियान में आवास गंवाने वालों को मकान देने के खिलाफ भाजपा का विरोध प्रदर्शन

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 05:38 PM IST

बेंगलुरु, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेंगलुरु के कोगिलु में हाल ही में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान अपने घर गंवाने वाले लोगों को मकान देने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ सोमवार को यहां प्रदर्शन किया।

बगलूर मेन रोड पर ‘कंट्री क्लब’ के पास यह विरोध प्रदर्शन ‘कोगिलु बचाओ, अवैध प्रवासियों को हटाओ’ के नारे के तहत आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावदी नारायणस्वामी और कई विधायक शामिल हुए।

भाजपा नेता आर. अशोक ने पत्रकारों से कहा कि यह प्रदर्शन कर्नाटक की जमीन की रक्षा के लिए है, जो राज्य के लोगों की है और केवल उन्हें ही मिलनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोगिलु में प्रदर्शन स्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर ही भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जो अनुचित है।

अशोक ने कहा कि मुद्दे का राजनीतिकरण किया गया और इसका संबंध केरल की राजनीति से है।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की आलोचना करते हुए कहा, “वे राजनीतिक लाभ के लिए हमारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कर्नाटक के पास सीमित भूमि संसाधन हैं और यह भूमि राज्य के लोगों की है, किसी एक नेता की नहीं।”

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस नेता इस पहल का समर्थन करना चाहते हैं तो उन्हें उनकी जमीन की पेशकश करनी चाहिए।

विजयेंद्र ने अवैध ढांचों को हटाने के पूर्व निर्णय के बाद ध्वस्त किए गए मकानों के मालिकों को आवास उपलब्ध कराने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक दबाव में वापस लिया गया है।

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से आए कथित अवैध प्रवासियों को मकान आवंटित करने का कदम अस्वीकार्य है और दावा किया कि जनता यह सवाल उठा रही है कि राज्य का शासन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के हाथ में है या कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल के हाथ में।

विजयेंद्र ने दस्तावेजों के उचित सत्यापन के बिना मकानों को ध्वस्त करने पर भी सवाल उठाया और कहा कि जरूरत पड़ने पर भाजपा अदालत का रुख करेगी।

उन्होंने सरकार पर करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 38 लाख गरीब लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया था लेकिन पिछले ढाई वर्षों में उन्हें एक भी घर आवंटित नहीं किया गया है।

वहीं, कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री बैरथी सुरेश ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कोगिलु लेआउट की फकीर कॉलोनी से हटाए गए परिवारों में से केवल 90 परिवार ही मुआवजे के तौर पर मिलने वाले मकानों के पात्र हैं। उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया कि 400 परिवारों को घर दिए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, 20 दिसंबर को कोगिलु के वसीम लेआउट और फकीर कॉलोनी में एक कचरा प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए अतिक्रमण हटाया गया था।

भाजपा नेता सी एन अश्वथ नारायण ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी कर्नाटक में बस गए हैं और असली लाभार्थियों की अनदेखी कर उन्हें सरकारी लाभ दिए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में 25 लाख से अधिक बांग्लादेशी रह रहे हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, “आठ-दस साल पहले आवेदन करने वाले असली हकदार अब भी घरों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अवैध प्रवासियों को फ्लैट दिए जा रहे हैं। यह केवल तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति है।”

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत