नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आबकारी नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद ‘ओवरएक्टिंग’ करने का शनिवार को आरोप लगाया और कहा कि दिल्ली की जनता ‘‘सच्चाई’’ जानती है।
मिश्रा ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि केजरीवाल ने सत्ता में रहते हुए भी इसी तरह के ‘‘नाटक’’ किए थे।
मिश्रा ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों के बावजूद केजरीवाल ‘‘सच का पदक पहन कर घूमते रहे’’ और निचली अदालत के फैसले का जश्न मना रहे हैं।
मिश्रा ने कहा, ‘‘क्या यह सच नहीं है कि जब केजरीवाल के खिलाफ आबकारी मामला सामने आया, तो शराब नीति वापस ले ली गई? अगर नीति ईमानदारी पर आधारित थी, तो इसे वापस क्यों लिया गया?’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता रहे मिश्रा ने कहा कि इस मामले के बाद, केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कई मोबाइल फोन नष्ट कर दिए तथा शराब के थोक विक्रेताओं के लिए कमीशन पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ा न्याय जनता की अदालत में होता है और मतदाताओं ने पिछले साल आम आदमी पार्टी की सरकार को नहीं चुना था।’’
उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का अभी इंतजार है।
मिश्रा ने वहां की आम आदमी पार्टी की सरकार के बारे में कहा, ‘‘पंजाब भी अपना जवाब देगा।’’
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को अब रद्द हो चुकी आबकारी नीति से जुड़े मामले में आरोप मुक्त कर दिया। इस मामले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया था और राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी के सरकार के पतन में योगदान दिया था।
भाषा यासिर दिलीप
दिलीप