केरल सरकार ने वक्फ मुद्दे पर भाजपा के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण किया: विजयन

केरल सरकार ने वक्फ मुद्दे पर भाजपा के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण किया: विजयन

केरल सरकार ने वक्फ मुद्दे पर भाजपा के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण किया: विजयन
Modified Date: July 17, 2026 / 03:44 pm IST
Published Date: July 17, 2026 3:44 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 17 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के प्रावधान सहित संशोधित वक्फ अधिनियम को लागू करने का निर्णय लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समक्ष ‘पूरी तरह आत्मसमर्पण’ कर दिया है।

विजयन ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने वक्फ अधिनियम के विवादास्पद संशोधनों का विरोध करने वाला अपना रुख बदल दिया है और केरल उच्च न्यायालय से कहा है कि वह इस कानून को ‘अक्षरशः’ लागू करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे से जुड़ा एक मामला उच्च न्यायालय के समक्ष आया था और सरकार ने याचिकाकर्ताओं के रुख का समर्थन किया। अब इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया गया है। यह बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम है।’

विजयन ने दावा किया कि केंद्र ने 2025 में संघ परिवार के एजेंडे के अनुरूप वक्फ अधिनियम में व्यापक संशोधन किए, जिनमें वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य करने का प्रावधान भी शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया, ”वक्फ बोर्ड पूरी तरह मुस्लिम समुदाय का संस्थान है। संघ परिवार ने इसमें गैर-मुस्लिमों को शामिल करके इसके प्रशासन में दखल देने की कोशिश की है। भाजपा सरकार ने संशोधित कानून के जरिए उसी कोशिश को अमली जामा पहनाया है।”

विधानसभा चुनावों से पहले यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) द्वारा एलडीएफ और भाजपा के बीच कथित ‘राजनीतिक समझौते’ को लेकर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि हालिया घटनाक्रमों ने सत्तारूढ़ मोर्चे को ही बेनकाब कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह संघ परिवार के साथ कोई गुप्त समझौता या हाथ मिलाना नहीं है। जो सामने आया है, वह पूरी तरह आत्मसमर्पण और चाटुकारिता है। यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। इसके खिलाफ जोरदार विरोध होगा।’

उन्होंने कहा कि कानून लागू होने के बाद केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल ने शुरू में इसके विवादास्पद प्रावधानों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक केवल भाजपा शासित राज्यों ने ही वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की है।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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