पीएम-श्री योजना पर जनता को गुमराह कर रही केरल सरकार : वाम दल

पीएम-श्री योजना पर जनता को गुमराह कर रही केरल सरकार : वाम दल

पीएम-श्री योजना पर जनता को गुमराह कर रही केरल सरकार : वाम दल
Modified Date: July 31, 2026 / 12:14 am IST
Published Date: July 31, 2026 12:14 am IST

तिरुवनंतपुरम, 30 जुलाई (भाषा) केरल में विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बृहस्पतिवार को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना के क्रियान्वयन को लेकर जनता को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया।

दोनों दलों ने अपने आरोप के समर्थन में राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता जारी किए जाने संबंधी हालिया जवाब का हवाला दिया।

माकपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने दावा किया कि संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और सामान्य शिक्षा मंत्री एन समसुद्दीन के दावों के विपरीत केरल के सरकारी स्कूलों में पीएम-श्री योजना अब तक लागू नहीं हुई है।

शिवनकुट्टी ने कांग्रेस सांसद जेबी मेथर के सवाल पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा राज्यसभा में दिए गए उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि अब तक केरल के किसी भी सरकारी स्कूल का चयन पीएम-श्री योजना के तहत नहीं किया गया है।

शिवनकुट्टी ने एक बयान में आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत स्कूलों के चयन की प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया। उन्होंने कहा कि केरल के केवल 47 केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से संबद्ध संस्थान ही इस सूची में शामिल हैं।

शिवनकुट्टी ने दावा किया कि वर्ष 2025-26 के लिए केरल को जारी 99.27 करोड़ रुपये पीएम-श्री योजना के तहत नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के ‘शिक्षा का अधिकार’ (आरटीई) घटक के अंतर्गत राज्य की वैधानिक हिस्सेदारी के रूप में दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने भी पीएम-श्री योजना के लिए केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी उसे आरटीई से संबंधित धनराशि प्राप्त हुई है।

शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि सरकार वैधानिक शिक्षा मद के तहत मिलने वाली राशि को पीएम-श्री योजना की सहायता बताकर जनता को गुमराह कर रही है और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था से समझौता कर रही है।

इसी तरह की आलोचना करते हुए भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के जवाब ने राज्य सरकार के उस दावे की पोल खोल दी है कि केरल को पीएम-श्री समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद धनराशि मिली है।

पीएम-श्री योजना का मुद्दा पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में विवाद का कारण बना था, जब केरल ने केंद्र के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

बाद में गठबंधन सहयोगी भाकपा की आपत्तियों के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया था। भाकपा का तर्क था कि इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

भाषा रवि कांत रवि कांत पारुल

पारुल


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