केरल उच्च न्यायालय ने मावुंकल के खिलाफ याचिका को लेकर पुलिस को फटकार लगाई

केरल उच्च न्यायालय ने मावुंकल के खिलाफ याचिका को लेकर पुलिस को फटकार लगाई

केरल उच्च न्यायालय ने मावुंकल के खिलाफ याचिका को लेकर पुलिस को फटकार लगाई
Modified Date: November 29, 2022 / 07:59 pm IST
Published Date: December 2, 2021 9:22 pm IST

कोच्चि, दो दिसंबर (भाषा) केरल पुलिस द्वारा प्राचीन वस्तुओं के डीलर मोनसन मावुंकल के खिलाफ एक लंबित याचिका बंद करने के लिए एक आवेदन दायर करने और हलफनामे में सुनवाई करने वाले न्यायाधीश के खिलाफ ‘‘आरोपों’’ से नाराज उच्च न्यायालय ने कहा कि खाकी पहनने का मतलब यह नहीं है न्यायपालिका के खिलाफ कुछ भी कह सकते हैं।

उच्च न्यायालय ने कहा कि हलफनामे की सामग्री ‘‘बेहद विचलित करने वाली’’ और अदालत को पीछे हटने के लिए ‘‘भयभीत करने का प्रयास’’ है। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने आवेदन को खारिज कर दिया और उस पुलिस अधिकारी पर जुर्माना लगाने पर भी विचार किया, जिसने उनके और अदालत के खिलाफ आरोपों वाला हलफनामा दायर किया था, लेकिन अभियोजन महानिदेशक के अनुरोध पर ऐसा करने से परहेज किया।

मावुंकल के पूर्व ड्राइवर सह मैकेनिक अजीत ईवी द्वारा एक याचिका के संबंध में आवेदन दायर किया गया था जिसमें उनके पूर्व नियोक्ता और उनके करीबी कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था।

अजीत की तरफ से पेश अधिवक्ता फिलिप टी वर्गीस और थॉमस टी वर्गीस ने आरोप लगाया था कि प्राचीन वस्तुओं के डीलर के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के समक्ष कुछ सूचनाएं देने के बाद उनके मुवक्किल का उत्पीड़न शुरू हुआ।

दुर्लभ और ऐतिहासिक प्राचीन वस्तुओं को रखने का दावा करने वाले चेरथला निवासी मावुंकल को जिला अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। पुलिस इस संबंध में विभिन्न लोगों से 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही है। मावुंकल ने विभिन्न लोगों से यह कहते हुए राशि उधार ली थी कि उसे ‘‘एक विदेशी बैंक में अपने खाते से 2,65,000 करोड़ रुपये निकालने के लिए प्रक्रियाओं को पूरा करने के वास्ते धन की आवश्यकता है।’’

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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