केरल अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को सूचित करेगा: राज्यपाल

केरल अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को सूचित करेगा: राज्यपाल

केरल अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को सूचित करेगा: राज्यपाल
Modified Date: May 29, 2026 / 10:24 am IST
Published Date: May 29, 2026 10:24 am IST

तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) केरल की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ जिसमें उन्होंने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेतृत्व वाली सरकार की नीति पढ़ते हुए कहा कि सरकार राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को जानकारी देगी।

आर्लेकर ने अपने नीतिगत अभिभाषण में कहा कि राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति, जिसमें उसकी देनदारियां और दायित्व शामिल हैं, के बारे में लोगों को स्पष्टता प्रदान करने के लिए एक श्वेत पत्र जारी किया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी उपायों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी विभाग सार्वजनिक संस्थानों में लोगों के विश्वास को मजबूत करने के लिए जवाबदेही के स्पष्ट मानकों का पालन करेंगे।

उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बहाल करने और विकास की गति तेज करने के लिए ऐसा स्वच्छ शासन, राजकोषीय अनुशासन और कुशल प्रशासन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जिसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़े।

आर्लेकर ने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार, फिजूलखर्ची और प्रशासनिक देरी से जनता का विश्वास कमजोर होता है और विकास की गति धीमी हो जाती है इसलिए मेरी सरकार स्वच्छ शासन, वित्तीय उत्तरदायित्व और प्रशासनिक दक्षता की नीति अपनाएगी।’’

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने और सेवा वितरण में देरी को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी का व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘मेरी सरकार का मानना ​​है कि सार्वजनिक संस्थान तभी मजबूत होते हैं जब उन्हें जनता का विश्वास प्राप्त होता है इसलिए सरकार का प्रत्येक विभाग जवाबदेही के स्पष्ट मानक अपनाएगा।’’

उन्होंने कहा कि केरल हमेशा से धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है और सरकार इन मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता दिखाएगी।

आर्लेकर ने यह भी कहा कि राज्य की सामाजिक प्रगति सुधार आंदोलनों, लोकतांत्रिक संघर्षों और सामूहिक सामाजिक उन्नति के माध्यम से हासिल हुई है।

भाषा

सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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