नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सिक्योंग (प्रमुख) पेनपा सेरिंग ने कहा है कि यह देखना होगा कि दलाई लामा साम्यवाद से अधिक समय तक जीवित रहते हैं या साम्यवाद दलाई लामा से।
उन्होंने यह बयान चीन के इस कथित विमर्श संदर्भ में दिया कि तिब्बत का मुद्दा दलाई लामा के साथ ही समाप्त हो जाएगा।
मंगलवार को नयी दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान एक श्रोता ने उनसे चीन के इस दावे के बारे में प्रश्न पूछा कि अगला दलाई लामा कौन होगा, इसका निर्णय चीन करेगा।
इस पर सेरिंग ने कहा, ‘‘चीन को अगला दलाई लामा चुनने का अधिकार नहीं दिया गया है; वह यह अधिकार छीनने की कोशिश कर रहा है। चीन हर चीज को नियंत्रित करना चाहता है।’’
उन्होंने 14वें एवं वर्तमान दलाई लामा की पुस्तक में दर्ज इस कथन का उल्लेख किया कि उनका उत्तराधिकारी ‘‘स्वतंत्र दुनिया में जन्म लेगा।’’
निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रमुख सेरिंग ने तिब्बत को प्रभावित करने वाली चीन की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की।
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन का मुख्यालय धर्मशाला में स्थित है, जहां वर्तमान दलाई लामा का आवास भी है। दलाई लामा पिछले साल 90 वर्ष के हुए थे।
सेरिंग ने कहा कि दलाई लामा को उम्मीद है कि उनकी आयु काफी लंबी होगी और वह संभवतः 130 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘चीन की धारणा है कि यदि परम पावन दलाई लामा का निधन हो जाता है, तो तिब्बत का मुद्दा भी समाप्त हो जाएगा।’’
सेरिंग ने स्पष्ट किया कि उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब दलाई लामा स्वयं इस संसार से विदा होने लेने वाले होते हैं।
सेरिंग ने कहा, ‘‘इसलिए मैं चीन को यह संदेश देना चाहता हूं। आप दलाई लामा के निधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान दलाई लामा लंबा जीवन जीने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमें देखना होगा कि साम्यवाद परम पावन दलाई लामा से अधिक समय तक टिकता है या परम पावन दलाई लामा साम्यवाद से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।’’
भाषा जोहेब नेत्रपाल
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