कोविड के कड़े प्रोटोकॉल के बीच बच्चों को कराया गया अक्षर ज्ञान

कोविड के कड़े प्रोटोकॉल के बीच बच्चों को कराया गया अक्षर ज्ञान

कोविड के कड़े प्रोटोकॉल के बीच बच्चों को कराया गया अक्षर ज्ञान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: October 26, 2020 11:17 am IST

तिरुवनंतपुरम, 26 अक्टूबर (भाषा) केरल में कई बच्चों को विजयादशमी के दिन अक्षर ज्ञान कराया गया। ढाई साल की मीनाक्षी अपने पिता की गोद में बैठकर सोमवार तड़के मंदिर के पुजारी द्वारा उच्चारित सरस्वती मंत्र को दोहरा रही थी।

केरल में विजयादशमी को विद्यारम्भ पर्व के तौर पर मनाया जाता है जो नवरात्र पर्व के समापन का प्रतीक है।

परंपरा के अनुसार, लेखक, शिक्षक, पुजारी व समाज के अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति अपने दो-तीन साल के बच्चों को इस मौके पर अक्षर ज्ञान देते हैं।

वे बच्चों की चावल से भरी थाली पर ‘ हरि…श्री ‘ लिखवाने में मदद करते हैं।

मीनाक्षी समेत कई बच्चों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए अक्षर ज्ञान दिया गया।

नन्हीं बच्ची ने मास्क लगाया हुआ था और उनके पिता ने चावल से भरी थाली में पहला अक्षर लिखावाया। परिसर से जाने से पहले बच्चे ने सेनेटाइजर से अपने नन्हें हाथों को साफ किया।

एर्णाकुलम जिले में सरस्वती मंदिर में समारोह के बाद मीनाक्षी की माता अनीशा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘ महामारी के कारण सभी अनुष्ठान कड़ी निगरानी में हुए। मंदिर परिसर में एक-दूसरे से दूरी का ध्यान रखा गया। ‘

उन्होंने बताया, ‘ मंदिर के अंदर एक समय में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। बच्चों, उनके माता-पिता एवं पुजारियों, सभी ने मास्क लगाया हुआ था। ‘

आमतौर पर बड़ी संख्या में बच्चे और उनके माता-पिता मंदिरों, स्कूलों और सांस्कृतिक केंद्रों में जुटते हैं।

मगर इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण अधिकारियों ने कहा था कि सभी लोग विद्यारम्भं और ‘बोम्मा गोलू’ जैसी सभी सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियां घरों में करें या ऐसे सुरक्षित स्थानों पर करें जहां दो-तीन करीबी परिवार हों।

समारोह प्रमुख मंदिरों, खासकर देवी सरस्वती को समर्पित मंदिरों में कड़ी निगरानी में किए गए।

मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि इस बार माता-पिता से महामारी की स्थिति की वजह से चावल और थाली लाने को कहा गया था जबकि पिछले साल मंदिरों ने चावल और थाली स्वयं दी थी।

इस बार पुजारी मास्क पहने हुए थे और वह सिर्फ मंत्रों का उच्चारण कर रहे तथा अनुष्ठान के लिए निर्देश दे रहे थे जबकि माता-पिता रस्म करा रहे थे।

केरल में रविवार को कोरोना वायरस के 6843 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद कुल मामले 3,79,991 पहुंच गए हैं। राज्य में मृतक संख्या 1332 हो गई है।

भाषा नोमान माधव

माधव


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