नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले वर्षों की तुलना में जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है और ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ के तहत शेष मुद्दों के समाधान के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जा रहे हैं।
गुप्ता ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में सरकार ने दिल्ली की पुरानी समस्याओं का अध्ययन किया है और दीर्घकालिक समाधान पर काम करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ। सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में लगभग 100 मिमी या उससे अधिक वर्षा हुई।
गुप्ता ने कहा, ‘56,000 करोड़ रुपये के ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ के तहत शहर में जलभराव की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सरकार का प्रयास जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी और जलभराव से संबंधित पुरानी समस्याओं को अस्थायी उपायों के माध्यम से नहीं, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीक के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से हल करना है।’
उन्होंने कहा कि ये पहल आने वाले वर्षों में दिल्लीवासियों को बेहतर, अधिक विश्वसनीय और अधिक जवाबदेह पानी और सीवर सेवाएं प्रदान करेंगी।
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 2025 से राष्ट्रीय राजधानी में जलभराव वाले स्थान कम हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में यातायात पुलिस द्वारा जलभराव वाले कुल 169 स्थानों की पहचान की गई थी, जिनमें से वर्तमान में 60 स्थानों पर काम किया जा रहा है।
उनके मुताबिक, ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ के तहत बड़े नालों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ के अनुसार जल निकासी नेटवर्क को नया रूप दिया जा रहा है, जिसके बाद भविष्य में शहर में जलभराव नहीं होगा।
भाषा नोमान
नोमान नरेश
नरेश