अहमदाबाद, पांच अप्रैल (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा है कि भारत के एक एलपीजी वाहक पोत ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और उन्होंने इसे ‘‘भारतीय कूटनीति की जीत’’ करार दिया।
सांघवी ने चार अप्रैल को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एक और पोत पहुंचा। भारतीय कूटनीति के लिए एक और जीत। एलपीजी वाहक पोत ‘ग्रीन सानवी’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है और यह भारत की ओर रवाना हो गया है।’’
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच यह बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) समेत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा उन समुद्री मार्गों के माध्यम से आयात करता है जो पश्चिम एशिया से होकर गुजरते हैं।
सांघवी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक तथा सभ्यतागत संबंधों पर जोर दिया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
ईरानी दूतावास ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और विशेष रूप से गुजरात, हमारे साझा इतिहास में एक विशेष स्थान रखते हैं, क्योंकि सदियों पहले इन्होंने हमारी भूमि से आए लोगों का स्वागत किया था। इस अटूट सभ्यतागत बंधन को आगे बढ़ाते हुए मित्रता और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
दूतावास द्वारा स्पष्ट रूप से लगभग 1,300 साल पहले ईरान से गुजरात के संजन में पारसियों या ज़ोरास्ट्रियन के आगमन का जिक्र किया गया।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तनाव पैदा कर दिया है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग पर असर पड़ा है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा को यहां पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और तेहरान ने इसे अवरुद्ध कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सोमवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की अपनी धमकी शनिवार को एक बार फिर दोहराई और कहा कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस स्थिति के बावजूद, हाल के हफ्तों में भारत से जुड़े कई जहाज इस मार्ग से गुजरते रहे हैं।
भाषा यासिर नरेश
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