Ludhiana University Protest: लुधियाना की सिटी यूनिवर्सिटी में रमजान के दौरान भोजन व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद देर रात बड़े विरोध में बदल गया। मुस्लिम छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि रोज़ा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए कैंटीन में न तो सेहरी-इफ्तार की व्यवस्था की गई और न ही समय में कोई लचीलापन दिया गया। छात्रों के मुताबिक, जब उन्होंने इस बारे में कुलपति (VC) से बात की तो उनसे कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात की गई और उन्हें कैंपस से बाहर निकालने तक की बात कही गई। इससे आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले के वीडियो व विवरण सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, जिससे विवाद तेजी से फैल गया।
Ludhiana university protest: मामला जम्मू-कश्मीर के छात्र संगठनों और नेताओं तक पहुंचा
सोशल मीडिया के जरिए मामला जम्मू-कश्मीर के छात्र संगठनों और नेताओं तक पहुंचा। वहां से इस घटना की जानकारी पंजाब सरकार तक दी गई, जिसके बाद लुधियाना जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मध्यस्थता की। छात्रों ने साफ कहा कि वे सम्मानजनक व्यवहार और धार्मिक अधिकारों की गारंटी चाहते हैं। विवाद तब शांत हुआ जब यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने छात्रों से बदसलूकी के आरोपों में घिरे कुलपति को पद से हटाने का फैसला लिया और रमजान के दौरान मुस्लिम छात्रों के लिए भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
Ramadan Food Controversy: VC हटाए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई
Ludhiana University Protest के पूरे घटनाक्रम में पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने भी हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के छात्र उनकी मध्यस्थता से संतुष्ट नहीं हुए और कुलपति को हटाने की मांग पर अड़े रहे। प्रशासनिक हस्तक्षेप और VC हटाए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सार्वजनिक बयान देने से दूरी बना ली है, लेकिन अंदरूनी तौर पर कैंटीन व्यवस्था और छात्र सुविधाओं में सुधार की बात कही जा रही है।
Muslim Students Protest: यह गंभीर मामला है-नासिर खुहामी
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने कहा कि यदि छात्रों के आरोप सही हैं तो यह गंभीर मामला है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व है कि वे सभी धर्मों और पृष्ठभूमियों के छात्रों के लिए समान और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करें। एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से पारदर्शी जांच की मांग की है और अपील की है कि रमजान के दौरान सेहरी-इफ्तार की उचित व्यवस्था हर संस्थान में सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी छात्र अपने धार्मिक कर्तव्यों के कारण असहज महसूस न करे। फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद कैंपस में स्थिति शांत बताई जा रही है।
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