नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराया।
विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने कहा कि ‘‘आरोपी भारती और आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति ने सावित्री देवी एवं संभवतः अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर’ एक आपराधिक साजिश रची जिसका उद्देश्य शिकायतकर्ता बैंक (जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) को धोखा देना था तथा उसके तहत वे 2011 के बाद भी बहुत अधिक दर पर ब्याज लेते रहे, जबकि प्रारंभिक सावधि जमा (एफडी) तीन वर्ष के लिए थी।’’
उन्होंने कहा कि इस साजिश के तहत बैंक के दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गयी और यह जालसाजी बैंक को धोखा देने के लिए थी।
न्यायाधीश ने भारती और प्रजापति को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी, वसीयत की जालसाजी और धोखाधड़ी के लिए जालसाजी तथा जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने के अपराधों के लिए दोषी ठहराया।
न्यायाधीश सिंह ने यह भी टिप्पणी की, ‘‘भारती का यह तर्क कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है या अभियोजन राजनीतिक रूप से प्रेरित है, पूरी तरह से अटकलबाजी है। वह ऐसे किसी भी राजनीतिक मकसद या आरोपों के गलत होने की बात साबित करने में विफल रहे हैं।’’
अदालत ने कहा, ‘‘दरअसल, यह 1998 से 2011 तक बैंक दस्तावेजों की जालसाजी और बैंक को धोखा देने का मामला है, जो उस कथित राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से बहुत पहले का है जिसका दावा भारती कर रहे हैं।’’
पिछले साल अक्टूबर में, उच्चतम ने बचाव पक्ष के गवाहों को डराने-धमकाने के प्रयासों के दावे पर ध्यान देते हुए मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दी थी।
भाषा राजकुमार पवनेश
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