कर्नाटक मंत्रिमंडल में बदलाव का मामला अबतक मेरे पास नहीं आया है: मल्लिकार्जुन खरगे

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कर्नाटक मंत्रिमंडल में बदलाव का मामला अबतक मेरे पास नहीं आया है: मल्लिकार्जुन खरगे

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 09:24 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 09:24 PM IST

कलबुर्गी (कर्नाटक), 27 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के डी के शिवकुमार मंत्रिमंडल में मामूली बदलाव की संभावनाओं को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह मामला अभी तक उनके पास नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि चाहे किसी को मंत्रिमंडल में शामिल करना हो या हटाना, ऐसे मामले आखिरकार उनके सामने आने चाहिए।

मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है, अगर आपको पता है तो कृपया मुझे बताएं। अब तक मेरे पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री शिवकुमार की इस मामले पर पार्टी नेतृत्व से बात करने दिल्ली गये हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं गुलबर्गा (कलबुर्गी) में हूं। अगर कोई बात है, तो फाइल मेरे पास ही आएगी। वह किसी और के पास नहीं जाएगी। अगर किसी को मंत्री बनाना है, शामिल करना है या हटाना है, तो इस दिशा में फाइल मेरे पास आए बिना काम नहीं हो सकता। जब फ़ाइल मेरे पास आएगी, तो मैं आपको बता दूंगा।’’

शिवकुमार बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में थे और उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व से मुलाक़ात की।

ऐसी अटकलें हैं कि शिवकुमार ने आलाकमान के साथ मंत्रिमंडल में छोटे-मोटे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उन नाराज विधायकों को जगह देने का प्रस्ताव दिया, जो मंत्री पद की अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

उनके मंत्रिमंडल में किसी भी महिला के न होने के कारण, उन पर दबाव बढ़ रहा है कि वह खाली पड़ी एक सीट पर किसी महिला मंत्री को नियुक्त करें।

कहा जा रहा है कि उन्होंने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफ़े के प्रस्ताव पर भी चर्चा की है। राज्य सरकार के अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन के आरोपों को लेकर विपक्षी पार्टियां– भाजपा एवं जनता दल सेक्युलर, नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज़ कर रही हैं।

दिल्ली में शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की तथा राज्य, राष्ट्र और पार्टी के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

नागेंद्र के इस्तीफ़े से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने फिर कहा कि नागेंद्र कांग्रेस के एक वफादार नेता हैं और पार्टी के लिए किसी भी तरह का त्याग करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें (नागेंद्र के मामले में) कोई मुद्दा नहीं है, यह सिर्फ़ भाजपा का मुद्दा है। यह बिना किसी मुद्दे का मुद्दा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (नागेंद्र ने) चार बार विधानसभा चुनाव जीता है। हम जानते हैं कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, लेकिन भाजपा राजनीति कर रही है। वह पार्टी के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने मुझे इस बारे में बताया है और पहले भी ऐसा किया है। पार्टी इस पर चर्चा करके फैसला करेगी। आज की बैठक में मैंने कुछ तथ्यों पर चर्चा की और उन्हें समझाया; मुझे अभी और बातचीत करने की ज़रूरत है।’’

महिला मंत्री को शामिल करने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें ऐसा करना होगा, हम करेंगे। हम इसपर चर्चा करेंगे। अभी-अभी सत्र खत्म हुआ है। थोड़ा समय चाहिए।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार नागेंद्र मामले में विपक्ष के दबाव में झुक रही है, तो उन्होंने कहा, ‘‘दबाव में झुकने का कोई सवाल ही नहीं है। हर कोई जानता है और हम सभी को तथ्यों से अवगत कराएंगे। क्या केंद्रीय मंत्रियों और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ कोई मामला नहीं है? उन (नागेंद्र) पर मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्हें भाजपा इसलिए निशाना बना रही है, क्योंकि उन्होंने उन्हें (भाजपा को) हराया था और कांग्रेस ने सभी अनुसूचित जनजाति सीट जीती थीं।’’

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश