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Mamata Banerjee Rabindra Jayanti: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और पार्टी महज 80 सीटों पर सिमट गई। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता हासिल कर ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्य की सत्ता बदलते ही बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच रवींद्र जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। उन्होंने विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धासुमन अर्पित किए और राज्य की नई सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि रवींद्र जयंती समारोह मनाने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी। इसके बाद उन्हें अपने घर पर ही आयोजन करना पड़ा।
Kolkata: Former West Bengal CM Mamata Banerjee says, “Permission was sought for Rabindra Jayanti celebrations at 3 places. It was denied. So, I decided to continue it here at my residence. They asked all decorators not to provide any help…I appeal to all like-minded parties to… https://t.co/t9EAqbvQnU pic.twitter.com/HhdthJ278y
— ANI (@ANI) May 9, 2026
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सिर्फ अनुमति ही नहीं रोकी गई, बल्कि आयोजकों को सजावट का सामान तक उपलब्ध कराने से मना कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह बंगाल की संस्कृति, परंपरा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। ममता ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया की पहचान हैं। ऐसे आयोजन को रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
टीएमसी प्रमुख ने सोशल मीडिया पर भी रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें शाश्वत मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि टैगोर ने दुनिया को एकता, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की कि वे टैगोर के आदर्शों को अपनाएं और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखें। इस दौरान ममता बनर्जी ने समान विचारधारा वाले सभी दलों से भाजपा को रोकने के लिए एकजुट होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्षी दलों को साथ आना होगा।
उधर चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी ने नेता कोहिनूर मजूमदार को सार्वजनिक रूप से झूठे, मानहानिकारक और पक्षपातपूर्ण बयान देने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। साफ है कि चुनावी हार के बाद टीएमसी अब बाहरी चुनौती के साथ-साथ अंदरूनी संकट से भी जूझ रही है।
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