नई दिल्ली। देशभर में आए दिन हो रही मॉब लिंचिंग( भीड़ की हिंसा) की बढ़ती घटनाओं पर गुरुवार को विपक्ष ने लोकसभा में सरकार को घेरा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हंगामे के बीच इस मामले पर सरकार का पक्ष सामने रखा। उन्होंने ऐसी घटनाओं की निंदा की और कहा कि लिंचिंग की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। हालांकि इस तरह के मामलों पीड़ित सरकार के लिए चिंता का विषय है। उनके इस जवाब से कांग्रेस सांसद संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से मैं ऐसी घटनाओं (मॉब लिंचिंग) की कड़ी आलोचना करता हूं। राजनाथ ने कहा, ‘सभी को यह जानकारी होगी कि इस तरह की घटनाएं अफवाहों या संदेह के आधार पर होती हैं। फेक न्यूज के कारण भी इस तरह की घटनाएं होती हैं’। उन्होंने इसे राज्य सरकार का विषय बताते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि वे प्रभावी तरीके से इसे रोकने के लिए काम करें।
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गृहमंत्री ने कहा कि राज्य का विषय होने के बाद भी केंद्र ने इस पर एक्शन लिया है। राजनाथ ने बताया कि इस बारे में वर्ष 2016 और फिर अभी जुलाई में ही राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की बात कही और कहा कि फेक न्यूज सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जाती है। इससे हंगामा शुरू हो जाता है।
उन्होंने सदन को बताया कि सरकार ने सोशल मीडिया सर्विस प्रोवाइडर को निर्देश दिया है कि वे अपने सिस्टम में चेक इस्तेमाल करें। राजनाथ ने कहा कि जहां-जहां भी मॉब लिंचिंग हुए, मैंने वहां के सीएम से तत्काल बात की है। राजनाथ के बयान से विपक्षी सांसद संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा जारी रहा। बाद में राजनाथ सिंह के बयान के विरोध में कांग्रेस ने लोकसभा से वॉकआउट किया।
वेब डेस्क, IBC24