हुब्बल्ली (कर्नाटक), चार जून (भाषा) कर्नाटक में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने यह दावा करते हुए राज्य मंत्रिमंडल में समुदाय के पांच सदस्यों को शामिल करने की मांग की कि कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन से सत्ता में आई थी।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव में गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
यह मांग बुधवार शाम को बेलिनगर स्थित हजरत सैयद फतेह शाह वली दरगाह में मुस्लिम धर्मगुरुओं की एक सभा में उठाई गई।
बैठक के दौरान बी जेड जमीर अहमद खान, एन ए हारिस, तनवीर सैत और सलीम अहमद समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग उठाई गई।
एक धर्मगुरु ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर पांच मुसलमानों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई, तो आने वाले दिनों में आपको (कांग्रेस) गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस स्थिति के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।’’
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस को सत्ता में लाने में मुस्लिम समुदाय ने अहम भूमिका निभाई है और सरकार में उन्हें अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
एक अन्य मौलवी ने कहा, ‘‘हम सभी मुसलमान एकजुट होकर इस विश्वास के साथ मतदान करने आए थे कि कर्नाटक में कांग्रेस को सरकार बनानी चाहिए। हमने इस सरकार को सत्ता में लाने में मदद की। हम मांग कर रहे हैं कि हमारे समुदाय के चार वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्री पद दिए जाएं। आज हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं और सामूहिक रूप से यह अनुरोध कर रहे हैं। हम इस मांग को मिलकर आगे बढ़ाते रहेंगे।’’
भाषा शफीक मनीषा
मनीषा