नड्डा ने प्रदर्शनकारी कॉजपा की मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

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नड्डा ने प्रदर्शनकारी कॉजपा की मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 09:27 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार और आंदोलनरत कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के बीच सोमवार को पहली बार सीधे संपर्क हुआ जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कॉजपा के दो प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और आश्वासन दिया कि सरकार का नेतृत्व उनकी मांगों पर आंतरिक चर्चा करेगा।

कॉजपा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के मध्य दिल्ली में पहुंचने और संसद की ओर मार्च का प्रयास किये जाने के बाद यह पहल हुई। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने से रोक दिया।

कॉजपा के अनुसार, यह आश्वासन तब मिला जब उसके प्रवक्ताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास ने मंत्री नड्डा से उनके आवास पर दो घंटे के भीतर दो बार मुलाकात की। नड्डा ने सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उनसे बातचीत की।

कॉजपा के प्रतिनिधियों ने उन्हें अपनी मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।

रांका ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हमें केवल इतना आश्वासन मिला है कि वह (नड्डा) शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगे और चर्चा के निष्कर्ष से हमें अवगत कराएंगे।’’

सरकार और युवाओं के नेतृत्व वाले कॉजपा के बीच यह पहला सीधा संपर्क उस दिन हुआ, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

नड्डा ने एक बयान में कहा कि उनके द्वारा सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने के बाद उनके साथ बातचीत पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट से ही जारी थी।

नड्डा ने कहा, ‘‘बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती मौखिक चर्चा विस्तार से हुई और उन्होंने शाम करीब चार बजे मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और स्थिति सामान्य करने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया।

बैठक के बाद दास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी मांग पूरी होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कॉजपा के प्रदर्शन को लेकर सरकार के भीतर बातचीत जारी है।

दबाव का सामना कर रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दोपहर में संसद भवन स्थित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यालय में उनसे मुलाकात की।

हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।

दास ने कहा कि नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई रुकने की कोई सूचना नहीं मिली है।

रांका ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर करीब 12 बजे नड्डा के आवास पहुंचने के बाद उनसे दो बार मुलाकात की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तीन मांगें हैं-सोनम वांगचुक जी को तुरंत रिहा किया जाए। वह एक वीडियो संदेश जारी करना चाहते हैं और उन्हें इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान… को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।’

कॉजपा ने कहा कि उसने ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों’ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग भी रखी है।

कॉजपा ने नड्डा को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में बार-बार खामियां सामने आई हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया कि इनमें नीट 2026 पेपर लीक, सीबीएसई कक्षा 12वीं पोर्टल से जुड़ी समस्याएं और सीयूईटी में देरी शामिल हैं। उसने कहा कि आंदोलन शुरू होने के बाद से उसकी मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की रही है।

कॉजपा ने सोनम वांगचुक की बिना किसी आवाजाही प्रतिबंध के रिहाई की भी मांग की और सरकार से दिल्ली पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग रोकने का निर्देश देने का आग्रह किया।

रांका ने कहा कि रविवार देर रात ही नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने सरकार के साथ संवाद का रास्ता खोलने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे से ही इस मुद्दे पर गंभीर बातचीत शुरू हुई और पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 45 मिनट पर नड्डा से मुलाकात को लेकर सहमति बनी।

रांका ने सोमवार अपराह्न 2:48 बजे ‘एक्स’ पर लिखा, ‘करीब 10 मिनट पहले हमारी नड्डा जी से मुलाकात हुई। वह हमारी मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तत्काल बल प्रयोग बंद करना चाहिए।’

कॉजपा कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का जून से नेतृत्व कर रही है। 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और अनशन पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाए गए थे। वह अब भी वहीं भर्ती हैं।

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने भारी पुलिस बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बावजूद हटने से इनकार कर दिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

छात्रों और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों की भागीदारी वाले इस मार्च को संसद मार्ग के निकट रोक दिया गया, जहां पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए थे।

कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें पुलिस के प्रतिरोध की आशंका थी, लेकिन वे अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए दृढ़ थे।

भाषा अमित रंजन

रंजन