कोहिमा, पांच अगस्त (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को नगालैंड के मोन जिले में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने नुकसान का जायज़ा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत, पुनर्वास कार्य में केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
नड्डा ने असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल और राज्यसभा सदस्य फांगनोन कोन्याक के साथ मिलकर, मोन में कोन्याक यूनियन ऑफिस में पीड़ितों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इससे पहले उन्होंने भूस्खलन से प्रभावित डिफेंस कॉलोनी और टेचा वार्ड के आस-पास के इलाकों का दौरा किया।
केंद्रीय मंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए इस आपदा को ‘‘बहुत निराशाजनक और दुखद’’ बताया। उन्होंने पीड़ितों को सांत्वना दी और कहा कि वे मुश्किल समय में अकेले नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हालात देखे और आपदा के बाद लोगों को हो रही परेशानियों को समझा। केंद्र सरकार राहत और सेवाओं को बहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहत कार्यों में मदद के लिए एक केंद्रीय टीम भी जिले का दौरा करेगी।
नड्डा ने शोक-संतप्त परिवारों तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भेजे संवेदना और एकजुटता का संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायज़ा लेने और केंद्र की ओर से मदद पहुंचाने की ज़िम्मेदारी सौंपी है।
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए)के सहायक प्रबंधक (प्रतिक्रिया एवं संचार) रेंडेमो शिटियो ने मोन में आपदा के बाद के किये गए अंतरिम आकलन को लेकर नड्डा के समक्ष एक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि 19-20 जुलाई को लगातार बारिश के कारण पूरे जिले में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ और मुख्य सड़कों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया।
भाषा धीरज पवनेश
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