प्रधान के साथ कोई बैठक नहीं, सिर्फ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया: शमसुद्दीन

प्रधान के साथ कोई बैठक नहीं, सिर्फ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया: शमसुद्दीन

प्रधान के साथ कोई बैठक नहीं, सिर्फ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया: शमसुद्दीन
Modified Date: July 24, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: July 24, 2026 12:38 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 जुलाई (भाषा) केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ उन्होंने जिस बैठक में हिस्सा लिया वह सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के लिए शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पहले से आयोजित एक सम्मेलन था।

शमसुद्दीन ने बताया कि बैठक में राज्य में समग्र शिक्षा (एसएसके) निधि की समीक्षा और केंद्र द्वारा प्रायोजित आगामी प्रधानमंत्री पोषण योजना पर चर्चा हुई। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ-साथ नाश्ता भी दिया जाएगा और वर्तमान में कक्षा आठ तक के छात्रों तक सीमित नहीं रहकर कक्षा 12 तक के सभी छात्रों को उपलब्ध होगी।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया, ‘‘यह दो योजनाओं के संबंध में राज्य के विचारों और सुझावों पर चर्चा करने के लिए एक सम्मेलन था। इसलिए, मैंने उस सम्मेलन में भाग लिया, न कि केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात की।’’

उनका यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब विभिन्न वर्गों द्वारा मंत्री की आलोचना किए जाने की खबरें सामने आई हैं। आरोप है कि मंत्री ने प्रधान के साथ इस बैठक में ऐसे समय में हिस्सा लिया जब दिल्ली में छात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जोर शोर से प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के मंत्रियों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया और एजेंडे के मुताबिक चर्चा की।

शमसुद्दीन ने कहा कि सम्मेलन में केरल के 1,500 करोड़ रुपये के बकाया और इसकी वजह से राज्य को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘हमने मांग की कि बकाया राशि का भुगतान किया जाए और इस राशि को पीएम श्री योजना से नहीं जोड़ा जाए क्योंकि दोनों योजनाएं एक-दूसरे से अलग हैं। हमने प्रधानमंत्री पोषण योजना में सहयोग करने के लिए राज्य की इच्छा भी जताई। इसलिए राज्य को मिलने वाली करोड़ों रुपये की बकाया राशि प्राप्त करने और भविष्य में विभिन्न योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए हमने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।’’

भाषा सुरभि माधव

माधव


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