नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय या एकीकरण को लेकर सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय से अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बैंक बनाने में मदद मिली है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा का कुल समेकित कारोबार मार्च 2019 के 16.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 में 27.0 लाख करोड़ रुपये हो गया।
बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का 1 अप्रैल 2019 को विलय हो गया था।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का समेकित कारोबार मार्च 2020 के 18.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 में 26.8 लाख करोड़ रुपये हो गया।
पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का 1 अप्रैल 2020 को विलय हुआ था।
मंत्री ने कहा कि इंडियन बैंक का कुल कारोबार मार्च 2020 के 8.6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 में 13.3 लाख करोड़ रुपये हो गया।
इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का 1 अप्रैल 2020 को विलय हो गया था।
चौधरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, पूंजी खाते से अपेक्षाकृत कमजोर समर्थन के बीच व्यापार घाटे में वृद्धि के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।
भाषा सुभाष अविनाश
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