पलानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार से मेकेदातु मुद्दे पर रुख स्पष्ट करने की मांग की

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पलानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार से मेकेदातु मुद्दे पर रुख स्पष्ट करने की मांग की

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 04:27 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 04:27 PM IST

चेन्नई, 22 मई (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार से पड़ोसी राज्य कर्नाटक से संबंधित अंतर-राज्यीय विवाद मेकेदातु मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।

कर्नाटक ने अपने पेयजल और बिजली उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य के मेकेदातु में कावेरी नदी पर एक संतुलन जलाशय बनाने का प्रस्ताव रखा है। तमिलनाडु इसका यह कहते हुए विरोध कर रहा है कि इस परियोजना से उसके हितों पर असर पड़ेगा।

पलानीस्वामी ने यहां एक बयान में कहा, “कर्नाटक की कांग्रेस सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे कावेरी नदी पर तमिलनाडु के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, और तमिलनाडु सरकार निष्क्रिय खड़ी है, और प्रशासन में बदलाव के बावजूद यह स्थिति अपरिवर्तित बनी हुई है।”

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने टिप्पणी की थी कि तमिलनाडु को मेकेदातु बांध के निर्माण का विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। पलानीस्वामी ने कहा, “उनके (शिवकुमार के) इस बयान से तमिलनाडु के किसानों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कावेरी नदी का पानी न केवल कावेरी डेल्टा जिलों के किसानों के लिए राज्य की जीवनरेखा है, बल्कि 20 जिलों के लोगों के लिए पीने के पानी का स्रोत भी है।

उन्होंने दावा किया, “अगर मेकेदातु में कावेरी नदी पर बांध बनाया जाता है, तो डेल्टा जिले रेगिस्तान में बदल जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक कावेरी नदी से संबंधित तमिलनाडु के अधिकारों को कभी छोड़ने नहीं देगी और पूछा, “कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को मेकेदातु के शिलान्यास समारोह तक की बात करने का अधिकार कहां से मिलता है?”

उन्होंने मांग की, “मैं इस सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के खिलाफ तत्काल कदम उठाए और तमिलनाडु का स्पष्ट रुख घोषित करे।”

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत