लेबनान में इजराइली हमले पर प्रधानमंत्री चुप, क्या मातृभूमि से महत्वपूर्ण है ‘पितृभूमि’ : कांग्रेस

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लेबनान में इजराइली हमले पर प्रधानमंत्री चुप, क्या मातृभूमि से महत्वपूर्ण है 'पितृभूमि' : कांग्रेस

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 10:09 AM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 10:09 AM IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कथित तौर पर फटकार लगाए जाने संबंधी खबर का हवाला देते हुए कंग्रेस ने मंगलवार को कहा कि लेबनान में इजराइली हमले की चौतरफा निंदा हो रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी के कुछ महीने पहले दिए एक बयान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या उनके लिए ‘फादरलैंड’ (पितृभूमि), ‘मदरलैंड’ (मातृभूमि) से ज्यादा मायने रखती है?

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इस तरह के समझौते के तत्काल प्रभाव का मतलब होगा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और तेल की कीमतों में गिरावट का दबाव, इन दोनों में भारत का बड़ा हित शामिल है।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन बातचीत अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है, इसका मुख्य कारण लेबनान में इजराइल की लगातार सैन्य कार्रवाई है, जिसमें बड़े पैमाने पर घुसपैठ देखी गई है। स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप ने अपशब्दों से भरी भाषा में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अत्यधिक निराशा और क्रोध व्यक्त किया है। कई अन्य देश लेबनान में इज़राइल के हमले की निंदा कर रहे हैं।’

रमेश ने कहा, ‘इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जब इजराइल लेबनान को तबाह करने और अमेरिका-ईरान समझौते को नुकसान पहुंचाने के लिए आगे बढ़ रहा है, तब एक सरकार के प्रमुख जिसने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, वह हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।’

उन्होंने सवाल किया कि क्या तथाकथित पितृभूमि उनके लिए उसकी वास्तविक मातृभूमि से कहीं अधिक मायने रखती है?

अमेरिकी मीडिया की एक खबर में कहा गया है कि बीते सोमवार को ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर उन्हें फटकार लगाई।

खबर में कहा गया है कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, ‘आप बिल्कुल पागल हो गए हैं। अगर मैं न होता तो आप जेल में होते। मैं आपकी जान बचा रहा हूं। आपकी वजह से हर कोई इजराइल से नफरत करता है।’

भाषा हक रंजन

रंजन