पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गिरोह के दो ‘मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

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पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गिरोह के दो ‘मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 07:29 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 07:29 PM IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े पाकिस्तान समर्थित दो कथित ‘मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से पेट्रोल बम, पिस्तौल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि एक ‘मॉड्यूल’ को पाकिस्तान स्थित आकाओं ने पेट्रोल बम का उपयोग कर दिल्ली में आतंकवादी हमला करने का काम सौंपा था, जबकि दूसरा कथित तौर पर ड्रोन से सीमा पार से भारत में तस्करी किए गए हथियारों को प्राप्त करने और उन्हें बेचने में शामिल था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी के पाकिस्तान स्थित सहयोगियों द्वारा निर्देशित किया जा रहा था और वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) के इशारे पर काम कर रहे थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रकोष्ठ की टीमों ने दोनों ‘मॉड्यूल’ को भंडाफोड़ किया और अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं।

पुलिस के मुताबिक, पहला ‘मॉड्यूल’ पाकिस्तान स्थित राणा हुनैन द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो भट्टी का कथित सहयोगी है।

अधिकारी ने कहा, ‘इसे पेट्रोल बमों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान या पुलिस प्रतिष्ठान पर हमला करने का काम सौंपा गया था।’

पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के निवासी दो आरोपियों- दानिश उर्फ चांद मिया (24) और सलमान (20) को साजिश को अंजाम देने से पहले दिल्ली के विजय घाट इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

उनके पास से तीन पेट्रोल बम, चोरी की एक मोटरसाइकिल, 2,000 रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किए गए जिनमें पाकिस्तानी आकाओं के साथ कथित बातचीत, तस्वीरें और वीडियो हैं।

पुलिस के मुताबिक, दानिश ने खुलासा किया कि वह इस साल अप्रैल में सोशल मीडिया के माध्यम से राणा हुनैन के संपर्क में आया था और उसे दिल्ली में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और पुलिस प्रतिष्ठानों सहित संभावित लक्ष्यों की टोह लेने का काम सौंपा गया था।

पुलिस ने कहा कि हमले को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद उसे 20,000 रुपये देने का वादा किया गया था और वह पाकिस्तान में बैठे अपने आका से फोन पर निर्देश प्राप्त कर रहा था।

पुलिस ने कहा कि दानिश का दोस्त सलमान उसके साथ दिल्ली आया था और उसे हमले के वीडियो रिकॉर्ड करने की भूमिका सौंपी गई थी। उसे भी 20,000 रुपये देने का वादा किया गया था।

पुलिस ने कहा कि दूसरा ‘मॉड्यूल’ सीमा पार हथियार तस्करी गिरोह से जुड़ा है, जिसे पाकिस्तान स्थित एक अन्य आका हसन गुज्जर द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसके भी भट्टी से जुड़े होने का दावा किया जाता है।

अधिकारी ने कहा, ‘गिरोह को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भारत में तस्करी किए गए अत्याधुनिक हथियारों की खेप मिली। इन हथियारों की बिक्री से प्राप्त पैसे से देश में आतंक और आपराधिक गतिविधियों को वित्तपोषित करना था।’

पुलिस ने कहा कि ‘मॉड्यूल’ के तीन सदस्यों – दिल्ली के शाहीन बाग के तैय्यब (27), गाजियाबाद के जुबैर खान (24) और मेरठ के अली फज़ल (26) को कालिंदी कुंज इलाके से गिरफ्तार किया गया और उनके पास से तीन पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए गए।

‘मॉड्यूल’ के चौथे आरोपी मल्कियत सिंह (36) को बाद में पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई दो कारों को जब्त कर लिया। इसके अलावा मोबाइल फोन भी मिले हैं जिनमें बातचीत, तस्वीरें और वीडियो हैं जो उन्हें पाकिस्तानी आका से कथित तौर पर जोड़ते हैं।

पुलिस ने कहा कि तैय्यब ने सोशल मीडिया के माध्यम से गुर्जर के साथ संपर्क स्थापित किया था और उसे भारत में तस्करी किए गए हथियारों की आवाजाही और बिक्री की व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था।

पुलिस ने दावा किया कि तैय्यब ने अपने सहयोगी जुबैर खान को अमृतसर की यात्रा करने और मल्कियत सिंह से पिस्तौल और कारतूस की खेप प्राप्त करने का निर्देश दिया था।

जुबैर ने बाद में ये हथियार दिल्ली और उत्तर प्रदेश में संभावित खरीदारों को बिक्री के लिए अली फज़ल को सौंप दिए। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि दोनों ‘मॉड्यूल’ पाकिस्तान स्थित अलग-अलग आकाओं के तहत पृथक रूप से काम कर रहे थे, लेकिन अंततः शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े हुए थे।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश