पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति के लिए प्रस्ताव आमंत्रित

Ads

पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति के लिए प्रस्ताव आमंत्रित

  •  
  • Publish Date - May 22, 2026 / 05:06 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 05:06 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत अगले तीन वर्षों तक अपने स्कूलों के छात्रों को ताजा पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के लिए गैर सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों, नागरिक समाज समूहों और खानपान सेवा प्रदाताओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

परिषद के शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुरोध (आरएफपी) के अनुसार, चयनित एजेंसियां ​​2026 से 2029 के बीच एनडीएमसी, नवयुग और सहायता प्राप्त विद्यालयों में नर्सरी से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं तक के छात्रों को भोजन उपलब्ध कराएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि नगर निकाय 42 विद्यालय संचालित करता है, जिनमें 30 एनडीएमसी विद्यालय, 11 नवयुग विद्यालय और एक सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं।

प्रस्ताव में चयनित एजेंसियों से अर्ध-स्वचालित रसोइयों से ताजा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने और केंद्र के पीएम पोषण दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-लाभकारी आधार पर संचालन करने को कहा गया है।

निर्धारित मेनू में आलू की सब्जी के साथ पूरी, छोले चावल, खिचड़ी, दलिया, सांभर और कढ़ी जैसे व्यंजन शामिल हैं।

आरएफपी में कहा गया है कि पूरे सप्ताह गेहूं और चावल आधारित भोजन बारी-बारी से परोसा जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार, चयनित संगठनों को न्यूनतम पोषण मानकों को सुनिश्चित करना होगा, जिसमें नर्सरी और प्राथमिक छात्रों के लिए 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन तथा उच्च प्राथमिक और वरिष्ठ कक्षाओं के लिए 700 कैलोरी तथा 20 ग्राम प्रोटीन शामिल हैं।

एनडीएमसी ने रसोई के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और परिवहन के लिए विस्तृत शर्तें भी निर्धारित की हैं।

एजेंसियों को रसोई में सीसीटीवी निगरानी बनाए रखना, औद्योगिक आरओ संयंत्रों का उपयोग करना, कर्मचारियों की नियमित चिकित्सा जांच सुनिश्चित करना और भोजन को सीलबंद, इन्सुलेटेड कंटेनरों में रखकर परिवहन करना अनिवार्य होगा।

आरएफपी में कहा गया है कि भोजन की गुणवत्ता की जांच किसी भी समय चिकित्सकों, आहार विशेषज्ञों, स्कूल अधिकारियों या स्वतंत्र निरीक्षण एजेंसियों द्वारा की जा सकती है।

आरएफपी में कहा गया है कि घटिया भोजन या खाद्य विषाक्तता के मामलों में, एनडीएमसी जुर्माना लगा सकती है, सुरक्षा जमा राशि जब्त कर सकती है या अनुबंध समाप्त कर सकता है।

इच्छुक संगठनों के पास पके हुए भोजन की आपूर्ति का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव, 50 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार और एनडीएमसी क्षेत्रों में या उसके आसपास परिचालन रसोई सुविधाएं होनी चाहिए।

प्रस्ताव के अनुसार, प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि पांच जून है।

भाषा

राखी वैभव

वैभव