पीओके में नागरिकों की हत्या के विरोध में जम्मू में प्रदर्शन

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पीओके में नागरिकों की हत्या के विरोध में जम्मू में प्रदर्शन

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 08:31 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 08:31 PM IST

जम्मू, 13 जून (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से विस्थापित लोगों ने शनिवार को जम्मू में प्रदर्शन कर पीओके में नागरिकों की हत्या की निंदा की और केंद्र सरकार से पाकिस्तान की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उजागर करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में भाजपा पीओजेके शरणार्थी प्रकोष्ठ के सदस्य और पीओके से विस्थापित लोगों के पंजीकृत संगठन ‘एसओएस इंटरनेशनल’ के कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने सीमा पार कथित दमन की निंदा करते हुए वहां के नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, रियायती दर पर बिजली और आटा उपलब्ध कराने तथा स्थानीय लोगों के राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रही ‘जम्मू-कश्मीर संयुक्त कार्रवाई समिति’ पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में पीओके में हुए प्रदर्शनों के बाद पुलिस कार्रवाई में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। भाजपा नेता सुरिंदर सिंह गिल्ली के नेतृत्व में कार्यकर्ता जम्मू प्रेस क्लब के बाहर एकत्र हुए और बाद में उन्होंने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए तवी पुल के निकट स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा तक मार्च निकाला। गिल्ली ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को पीओके के लोगों पर अत्याचार बंद करना चाहिए। वे अपने बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब गोलियों से दिया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील करते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध करते हैं कि वे पाकिस्तान की इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष उजागर करें।’’ गिल्ली ने कहा कि पीओके के लोग भारतीय हैं और ‘‘हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। वहां रह रहे अपने भाई-बहनों के समर्थन में हम हर प्रकार का बलिदान देने के लिए तैयार हैं।’’ ‘एसओएस इंटरनेशनल’ के अध्यक्ष राजीव चुनी ने भी बख्शी नगर में एक अलग प्रदर्शन का नेतृत्व किया। भाषा Referring to the resolution passed by Indian Parliament unanimously declaring PoK as an integral part of the country, he said this is an opportunity to uphold that position.

“India should step in to protect the lives and property of people facing repression and violence. Innocent civilians are reportedly being targeted, and the international community should take note of these developments,’ he told reporters.

Lakhs of people had crossed the LoC from PoK during conflicts with Pakistan in 1947, 1965 and 1971 and were called PoK Displaced Persons.

Meanwhile, BJP leader Jahanzaib Sirwal has written a letter to Prime Minister Modi, urging him to take stronger political, diplomatic and humanitarian initiatives in support of the people living across the Line of Control.

In his communication to Modi, Sirwal stated that while India has consistently maintained its principled position regarding PoK, the present circumstances demand a more visible and proactive approach towards addressing the concerns of “our brothers and sisters” residing there.

“Our commitment towards them cannot remain confined to statements, resolutions or symbolic measures. The time has come to demonstrate through concrete action that India stands firmly with those whom we have always regarded as our own,” he said. PTI TAS RT06131906NNNN राखी माधवमाधव