चंडीगढ़, पांच अगस्त (भाषा) पंजाब विधानसभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पास किया जिसमें राज्य में भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में रोजगार सृजन और सरकारी भर्तियों में ‘पारदर्शिता’ की तारीफ की गई है।
हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने सरकारी भर्तियों पर एक ‘श्वेत पत्र’ जारी किए जाने की मांग की जिसमें पदों और सफल अभ्यर्थियों की जानकारी हो, ताकि यह पता चल सके कि कितने पंजाबियों को नौकरी मिली।
पंजाब विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन, आम आदमी पार्टी (आप)विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह प्रस्ताव पेश किया।
उन्होंने सरकारी भर्तियों में पूरी पारदर्शिता लाने और ‘निजी क्षेत्र में टिकाऊ नौकरियां पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश’ लाने के लिए राज्य सरकार की तारीफ की।
धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने सरकारी नौकरियां देने में दशकों से चले आ रहे सिफारिश, राजनीतिक दखल और भ्रष्टाचार की संस्कृति को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पक्षपात के बजाय योग्यता को प्राथमिकता देकर सरकार ने ‘लाखों पंजाबी युवाओं का भरोसा फिर से जीता है’।
उन्होंने बताया कि एक अप्रैल, 2022 से पंजाब सरकार ने पूरी तरह पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और योग्यता-आधारित प्रक्रिया के जरिए 68,228 सरकारी नौकरियां दी हैं।
इनमें स्कूल शिक्षा विभाग में 16,316, गृह विभाग में 14,723, बिजली विभाग में 8,706, स्थानीय सरकार विभाग में 5,681 और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 4,758 पदों पर नियुक्तियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्व, चिकित्सा शिक्षा, जल संसाधन, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी हजारों और नियुक्तियां की गई हैं।
प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने राज्य सरकार से सरकारी नौकरियों पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, जिसमें पदों, सफल अभ्यर्थियों और उनके पतों की जानकारी हो।
भाषा संतोष पवनेश
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