पंजाब सरकार ने आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान शुरू किया

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पंजाब सरकार ने आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान शुरू किया

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 08:54 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 08:54 PM IST

चंडीगढ़, 22 मई (भाषा) पंजाब सरकार ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान शुरू किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मान ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पंजाब सरकार उच्चतम न्यायालय के 19 मई, 2026 के आदेश का अक्षरश: पालन करेगी। अदालत के निर्देशों के अनुसार, हम भीड़भाड़ वाले सभी सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाएंगे ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार डर के बिना घूम सकें।’

मान ने लिखा, ‘हम कुत्तों के लिए पर्याप्त संख्या में आश्रय स्थल बनाएंगे और उनका रखरखाव करेंगे, जहां उनकी ठीक से देखभाल की जा सके।’

उन्होंने कहा कि पागल, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या खतरनाक और आक्रामक कुत्तों के मामले में, जो मानव के लिए खतरा पैदा करते हों, कानून के तहत दया-मृत्यु जैसे कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) नियमों के अनुसार ही की जाएगी।

उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मानव जीवन के खतरे को कम करने के लिए पागल, लाइलाज बीमार और आक्रामक कुत्तों को दया-मृत्यु की अनुमति दी है।

अपनी तरह के इस पहले आदेश में शीर्ष अदालत ने व्यवस्था दी कि जब इंसानों की सुरक्षा और जान की तुलना जानवरों के कल्याण से की जाती है, तो संवैधानिक संतुलन निश्चित रूप से मानव जीवन के संरक्षण और सुरक्षा के पक्ष में झुकेगा।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने सात नवंबर, 2025 के आदेश को वापस लेने या बदलने के अनुरोध वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश