चंडीगढ़, 27 जून (भाषा) पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीराम जी) योजना को अधिसूचित कर दिया।
यह योजना राज्य में एक जुलाई से लागू होगी।
वहीं, कांग्रेस ने ‘आप’ सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए पूछा कि यह कदम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किस ‘समझौते’ के तहत उठाया गया है।
कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि क्या इसका संबंध मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो विवाद से है।
भगवंत मान सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें वीबी जीरामजी अधिनियम के खिलाफ सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा 26 जून को जारी राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, ‘इसका उद्देश्य प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ऐसे ग्रामीण परिवारों को, जिनके वयस्क सदस्य स्वेच्छा से अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक सौ पच्चीस दिनों के रोजगार की बढ़ी हुई वैधानिक गारंटी प्रदान करना है, ताकि ग्रामीण विकास के ढांचे को ‘विकसित भारत 2047′ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ढाला जा सके।’
अधिसूचना में बताया गया, “रोजगार, विकास, समन्वय और योजनाओं के पूर्ण क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पंजाब सरकार वीबी जीरामजी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को पंजाब में अधिसूचित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त करती है।”
कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब में इस योजना को लागू किए जाने का समय जितना आश्चर्यजनक है, उतना ही महत्वपूर्ण भी है।
वडिंग ने वीडियो विवाद का संदर्भ देते हुए सवाल किया, “क्या इस योजना को अचानक लागू किए जाने का संबंध मुख्यमंत्री से जुड़े मौजूदा विवाद से है?”
उन्होंने कहा, “क्या अपनी पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह घिर चुके मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता कर मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं? ”
कांग्रेस नेता ने कहा कि नहीं तो, जब राज्य विधानसभा इस योजना को खारिज करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर चुकी थी, तब पंजाब में इसे लागू किए जाने का कोई कारण नजर नहीं आता।
वडिंग ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से भी यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा वीबी जीरामजी योजना लागू किए जाने का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।”
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “नहीं तो यह माना जाएगा कि आम आदमी पार्टी ने वास्तव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ कोई अवसरवादी समझौता किया है।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
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