(तस्वीरों के साथ)
पत्तनमथिट्टा/कोट्टायम, 30 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केरल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी नीत यूडीएफ का चुनाव प्रचार किया और इस दौरान यहां सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर तीखा हमला किया।
उन्होंने शबरिमला मंदिर में सोने की चोरी में माकपा नेताओं की कथित भूमिका के बारे में एक लोकप्रिय गीत के आधार पर तैयार ‘पैरोडी’ गीत की एक पंक्ति गाई और साथ ही इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया।
गांधी ने पत्तनमथिट्टा और कोट्टायम जिलों के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के उम्मीदवारों के लिए आयोजित नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि यूडीएफ को नौ अप्रैल के चुनाव में माकपा और भाजपा के गठजोड़ का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल ने पत्तनमथिट्टा जिले, जहां भगवान अयप्पा का प्रसिद्ध शबरिमला मंदिर स्थित है, में नुक्कड़ सभा में एक गीत की पंक्ति ‘स्वर्णम कट्टथु आरप्पा’ (अयप्पा का सोना किसने चुराया) गाई। इस गीत का इस्तेमाल यूडीएफ ने कुछ महीने पहले स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान वामपंथी दलों के खिलाफ मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया था। इस दौरान भीड़ ने राहुल का उत्साह बढ़ाया।
कोट्टायम जिले को रबर भूमि के रूप में जाना जाता है और यहां बड़ी आबादी ईसाई समुदाय की है। राहुल गांधी ने यहां आयोजित अपनी जनसभाओं में रबर की गिरती कीमतों और प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों का मुद्दा उठाया, जिसके खिलाफ चर्च ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ मुखरता से आवाज उठाई है।
राहुल ने शबरिमला मंदिर से सोने की चोरी को लेकर वाम दलों और भाजपा पर हमला करते हुए अडूर में कहा कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, मंदिरों और धर्म के बारे में बात करते हैं।
कांग्रेस नेता ने रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के लिए आयोजित चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री के भाषण का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लेकिन वह पलक्कड़ की अपनी यात्रा के दौरान, शबरिमला में जो हुआ, उसे भूल गए।
उन्होंने कहा, ‘‘वह भूल गए हैं कि वाम मोर्चा के नेताओं ने अयप्पा मंदिर से चोरी की थी। वह भूल गए हैं कि वाम मोर्चा के नेताओं ने अयप्पा मंदिर का सोना चुराकर उसकी जगह पीतल रख दिया था।’’
गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने एलडीएफ को नुकसान से बचाने के लिए चुप्पी साध रखी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे दो बातें स्पष्ट होती हैं। पहली यह कि भाजपा और एलडीएफ मिलकर काम कर रहे हैं। दूसरी यह कि नरेन्द्र मोदी को धर्म, हिंदू धर्म या मंदिरों की परवाह नहीं है।’’
राहुल ने कहा, ‘‘अगर इससे वोट मिलते हैं, तो वह मंदिरों के बारे में बोलेंगे। अगर वह एलडीएफ के हितों की रक्षा करना चाहते हैं, तो वह मंदिरों के बारे में नहीं बोलेंगे।’’
उन्होंने कहा कि यूडीएफ सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिर से संबंधित कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम एलडीएफ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।’’
राहुल ने कहा कि कई साल पहले एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा था कि बाजार में एक छिपी हुई ताकत है, और वह अर्थशास्त्र के बारे में एक महत्वपूर्ण बात कह रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन केरल के चुनावों में भाजपा का अप्रत्यक्ष हाथ है।’’
राहुल ने कहा कि भाजपा यहां यूडीएफ को नहीं चाहती क्योंकि वह जानती है कि देश में उसे चुनौती देने वाली एकमात्र ताकत कांग्रेस है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा समझती है कि वाम नीत एलडीएफ राष्ट्रीय स्तर पर उसे कभी चुनौती नहीं दे सकता। वह यह भी जानती है कि अगर वह दिल्ली में सत्ता में हैं, तो केरल में कोई भी एलडीएफ सरकार पूरी तरह से उसके नियंत्रण में होगी।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जो लोग भाजपा का विरोध करते हैं, उन पर भाजपा द्वारा हमला किया जाता है और उन्हें धमकाया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया, “मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए हैं और मुझसे लगातार 55 घंटे तक पूछताछ की गई है। लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या एलडीएफ नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
राहुल ने कहा, ‘‘सब जानते हैं कि एलडीएफ नेतृत्व भ्रष्ट है। उनके खिलाफ मामले चल रहे हैं, लेकिन भाजपा की ओर से उन पर कोई दबाव नहीं है। न कोई पूछताछ हो रही है, न कोई धमकी दी जा रही है।’’
कोट्टायम जिले के पुथुपल्ली में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
कोट्टायम जिले में एफसीआरए एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है, जहां ईसाई समुदाय की बड़ी आबादी रहती है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अचानक हमने देखा कि एफसीआरए विधेयक पेश किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि विदेश से धन प्राप्त करने वाला केवल एक ही संगठन है। आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के अलावा कोई अन्य संगठन विदेश से धन प्राप्त नहीं कर सकता।’’
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्योगपति गौतम अदाणी के माध्यम से विदेशी वित्त प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आरएसएस को प्रस्तावित एफसीआरए नियमों से लाभ होगा।
गांधी ने कहा, ‘‘आरएसएस में ऐसी क्या खास बात है कि उसके लिए अलग नियम हैं? वे नफरत फैलाते हैं और लोगों को बांटते हैं। भाजपा भी इसी तरह काम करती है।’’
कांग्रेस नेता आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से आम लोगों को बहुत कम लाभ मिलता है।
गांधी ने स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए कोट्टायम जिले की लोकप्रिय नकदी फसल रबर की खेती का जिक्र किया। उन्होंने एलडीएफ पर रबर की कीमतें तय करने के अपने वादे को पूरा करने में ‘विफल’ रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘2016 में, एलडीएफ ने रबर की कीमतें 250 रुपये प्रति किलोग्राम तय करने का वादा किया था। 2026 में, वे 200 रुपये की बात कर रहे हैं, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 220 रुपये है।’’
गांधी ने कहा कि यूडीएफ सरकार का पहला निर्णय रबर की कीमत 250 रुपये तय करना होगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणापत्र में चरणबद्ध तरीके से रबर की कीमतों को बढ़ाकर 300 रुपये करने की परिकल्पना की गई है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल