जयपुर, 20 जुलाई (भाषा) राजस्थान में कैंसर मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए हर बार जयपुर नहीं आना पड़ेगा क्योंकि जिला मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में ‘टेलीमेडिसिन’ के माध्यम से सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सोमवार को सचिवालय में राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कैंसर उपचार के नये दिशा-निर्देश भी लागू कर दिये गये हैं, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक सरल होगी।
खींवसर ने कहा कि प्रदेश के कैंसर मरीजों को अगस्त से इस नई व्यवस्था का लाभ मिलने लगेगा।
उन्होंने योजना में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए और योजना का दुरुपयोग करने वाली फार्मेसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी। मंत्री ने महंगी दवाओं की खरीद के लिए पारदर्शी नीति तैयार करने और राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (आरएमएससीएल) और अधिक छूट देने वाली ‘ग्रीन फ्लैग’ फार्मेसियों के विकल्पों का ऑडिट आधारित मूल्यांकन कराने के भी निर्देश दिए।
‘स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी’ की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि 2,000 रुपये से अधिक की जांच के लिए पोर्टल पर आने वाले आवेदनों का निस्तारण अब 30 से 35 मिनट में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन 1,700 से 1,800 आवेदन प्राप्त होते थे, जो व्यवस्था में सुधार के बाद घटकर 300 से 400 रह गए हैं।
निधि ने कहा कि अनावश्यक और गलत श्रेणी में कराई जा रही जांचों की पहचान कर प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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