राजस्थान सरकार की मंशा निकाय चुनाव करवाने की नहीं: अशोक गहलोत

राजस्थान सरकार की मंशा निकाय चुनाव करवाने की नहीं: अशोक गहलोत

राजस्थान सरकार की मंशा निकाय चुनाव करवाने की नहीं: अशोक गहलोत
Modified Date: July 17, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:26 pm IST

जयपुर, 17 जुलाई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव में हो रही देरी को लेकर शुक्रवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं है।

गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘राज्य सरकार के लिए इससे अधिक शर्मनाक स्थिति और क्या हो सकती है कि पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही कथित जानबूझकर की देरी पर उच्च न्यायालय को यह तक कहना पड़ रहा है कि ‘आयोग चुनाव नहीं करवा सकता तो बताए, न्यायाधीश करवा देंगे।’’

उन्होंने कहा कि यह सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग का यह कथन बेहद गंभीर और चिंताजनक है कि पंचायती राज विभाग को छह पत्र लिखने के बावजूद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के आरक्षण से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह स्पष्ट दर्शाता है कि सरकार के दबाव में पंचायती राज विभाग ने ऐसा किया और सरकार की मंशा ही चुनाव कराने की नहीं है। वह संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना रही है।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना करना संविधान और न्यायपालिका का सीधा अपमान है।

उन्होंने कहा, ‘‘जो सरकार न्यायपालिका का सम्मान न कर सके और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करे, उसे एक पल भी सत्ता में बने रहने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार नहीं है। लोकतंत्र के लिए यह स्थिति बेहद घातक है।’’

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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