आरजीएचएस में अनियमितता पर कार्रवाई, राजस्थान के 24 अस्पतालों पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना

आरजीएचएस में अनियमितता पर कार्रवाई, राजस्थान के 24 अस्पतालों पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना

आरजीएचएस में अनियमितता पर कार्रवाई, राजस्थान के 24 अस्पतालों पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना
Modified Date: July 17, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: July 17, 2026 7:15 pm IST

जयपुर, 17 जुलाई (भाषा) राजस्थान में सरकार ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में कथित अनियमितताओं के मामले में 24 अस्पतालों पर करीब तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, योजना में अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने पिछले तीन महीनों में 51 अस्पतालों को आरजीएचएस से निलंबित किया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार आरजीएचएस में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

सरकार ने योजना में किसी भी प्रकार की वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितता के प्रति ‘कतई न बर्दाश्त करने’ की नीति अपनाई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग ने आरजीएचएस योजना को लगातार मजबूत किया है और अनियमितता करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसी क्रम में पिछले एक महीने में अंकेक्षण के आधार पर 24 संबद्ध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर करीब तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

एक आधिकारिक बयान में राठौड़ ने बताया कि अंकेक्षण और जांच के दौरान कई गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। इनमें दस्तावेजों का दोहराव, आवश्यकता से अधिक जांच कराना, अधिक भुगतान प्राप्त करने के उद्देश्य से एक ही पैकेज में शामिल सेवाओं और प्रक्रियाओं को अलग-अलग दर्शाकर दावे प्रस्तुत करना तथा आवश्यक दस्तावेजों का अभाव जैसी अनियमितताएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इन अनियमितताओं के कारण योजना पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ने की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दायरे में जयपुर के कई प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं।

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजकोष की एक-एक पाई पात्र लाभार्थियों के हित में ही खर्च हो।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से अंकेक्षण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। भविष्य में भी फर्जी बिलिंग, अनियमित दावों, प्रक्रियागत उल्लंघन या वित्तीय गड़बड़ी के मामले सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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