जयपुर, 30 जुलाई (भाषा) राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के एक सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले सात मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया। घटना के बाद ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया और मामले की जांच शुरू की गई है।
यह घटना कुचामन सिटी स्थित राजकीय नेत्र चिकित्सालय की है, जहां 28 जुलाई को सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया।
गंभीर जटिलताओं वाले पांच मरीजों को उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल भेजा गया, जबकि दो अन्य मरीजों को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल रेफर किया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बृहस्पतिवार को एसएमएस अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और चिकित्सकों से उनके उपचार की जानकारी ली।
खींवसर ने कहा कि संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित मरीजों की दोबारा सर्जरी की गई है, लेकिन फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी दृष्टि पूरी तरह लौट पाएगी या नहीं।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि मरीजों को जयपुर लाए जाने के तुरंत बाद वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी सात मरीजों का 28 जुलाई को मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। करीब 24 घंटे बाद संक्रमण फैलना शुरू हुआ, जिससे गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो गईं। इसके बाद बिना देरी किए उपचार शुरू कर दिया गया।’’
घटना के बाद कुचामन के सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है। जांच के तहत ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए उपकरणों, दवाओं और पूरी शल्य प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।
मामले की जांच के लिए एसएमएस अस्पताल से चार चिकित्सकों की टीम कुचामन भेजी गई है। वहीं, जेएलएन मेडिकल कॉलेज ने भी पांच सदस्यीय टीम गठित कर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण करने और संक्रमण के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
भाषा बाकोलिया शफीक
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