जयपुर, 28 मई (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के प्रथम कुलगुरु और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. देवस्वरूप को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। लोकभवन के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता के अनुसार यह आदेश राज्य सरकार के परामर्श पर जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रो. देवस्वरूप पर राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर रहते हुए नियुक्तियों में भारी अनियमितताओं और धांधली कर मनपसंद अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप थे। इन शिकायतों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति बागडे ने कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी।
रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया गया है। इसमें कहा गया है कि कुलपति रहते हुए प्रो. देवस्वरूप ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों की अनदेखी करते हुए चयन संबंधी बैठकें आयोजित कीं तथा जाली और गलत दस्तावेज तैयार कर अपने चहेते अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई।
जांच समिति की रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि आरक्षित वर्ग-अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग श्रेणी के योग्य अभ्यर्थियों से जुड़े नियमों और प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया।
राज्यपाल ने एक अन्य आदेश में राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा को अपने वर्तमान कार्य के साथ बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
वहीं, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन. के. पांडे को विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत