रथयात्रा: भीड़ प्रबंधन और विशेष बलों की तैनाती में जुटी ओडिशा पुलिस

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रथयात्रा: भीड़ प्रबंधन और विशेष बलों की तैनाती में जुटी ओडिशा पुलिस

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 06:33 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 06:33 PM IST

कटक, 22 मई (भाषा) ओडिशा पुलिस पुरी में होने वाली वार्षिक रथयात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात विनियमन और विशेष बल की तैनाती पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि पिछले साल जैसी भगदड़ की कोई घटना न हो सके। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुतबिक, पिछले साल हुई भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने बृहस्पतिवार को कटक स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें 16 जुलाई से शुरू होने वाले नौ दिवसीय उत्सव (रथयात्रा) के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंतिम रूप दिया गया।

इस वर्ष रथयात्रा उत्सव के प्रभारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग, श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही, भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था जैसे सभी पहलू एसओपी का हिस्सा हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि इस चर्चा के दौरान डीजीपी ने मंदिर के पास सुरक्षा वाहनों की तैनाती, के-9 (श्वान दस्ता) दस्ते की तैनाती के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा प्रशिक्षित ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (एसओजी) के कर्मियों तथा ‘स्पेशल टैक्टिकल यूनिट्स’ (एसटीयू) की तैनाती पर जोर दिया ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।

अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले साल, भारी भीड़ के भीतरी घेरे में घुस जाने के कारण रथों को खींचने में देरी हुई थी। इस बार, पुरी जिला प्रशासन और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) से घेरा पास जारी करने को विनियमित करने का अनुरोध किया गया है।’’

डीजीपी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दर्शन के वास्ते देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘बैठक के दौरान आपात स्थितियों से निपटने, दुर्घटना प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय करने पर चर्चा की गई।’’

मंदिर की परंपरा के अनुसार, 29 जून को स्नान पूर्णिमा (भगवान का जन्मदिन), 14 जुलाई को नवयुवन दर्शन और 16 जुलाई को रथयात्रा होगी।

रथयात्रा के बाद कई अन्य अनुष्ठान भी किए जाएंगे, जैसे 20 जुलाई को ‘हेरा पंचमी’, 23 जुलाई को ‘संध्या दर्शन’, 24 जुलाई को ‘बहुदा यात्रा’, 25 जुलाई को ‘सुना बेसा’ और 27 जुलाई को ‘नीलाद्री बीजे’।

खुरानिया ने कहा, ‘‘चूंकि इन सभी अवसरों पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी में एकत्रित होने की संभावना है, इसलिए बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।’’

उन्होंने बताया कि यातायात प्रबंधन को मजबूत करने के लिए आठ अतिरिक्त पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं, और रथयात्रा के दिन ग्रैंड रोड पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रथों के आगे एक विशेष दल तैनात किया जाएगा।

अधिकारियों ने शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और यातायात प्रबंधन के लिए सड़क विभाजक उपलब्ध कराने पर भी विस्तार से चर्चा की।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल