‘आरक्षण हटाओ’ अभियान संविधान के खिलाफ, कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए: आठवले

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‘आरक्षण हटाओ’ अभियान संविधान के खिलाफ, कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए: आठवले

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 07:04 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बृहस्पतिवार को कहा कि सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा ‘‘आरक्षण हटाओ’’ अभियान संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है तथा इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख आठवले ने एक बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर कुछ लोग संगठित तरीके से आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के अभियान संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं। यह संविधान प्रदत्त अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास है और इससे सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।’’

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरक्षण का प्रावधान दिया गया था।

आठवले कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आरक्षण- विरोधी अभियान को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया खातों और मंचों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का आग्रह करेंगे।

भाषा हक हक सुरेश

सुरेश