शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर केंद्र सरकार अपनी गलती सुधारे : सचिन पायलट

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर केंद्र सरकार अपनी गलती सुधारे : सचिन पायलट

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर केंद्र सरकार अपनी गलती सुधारे : सचिन पायलट
Modified Date: July 17, 2026 / 08:08 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:08 pm IST

जयपुर, 17 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार को अपनी ‘गलती’ सुधारते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए।

टोंक में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पायलट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पिछले 20 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उच्च न्यायालय ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि सरकार को कोई न कोई समाधान निकालना चाहिए। लेकिन दुख की बात यह है कि केंद्र सरकार की ओर से संवाद की कोई कोशिश तक नहीं की जा रही है। सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलकर बातचीत करे, उन्हें आश्वस्त करे, तभी समाधान की दिशा में बात आगे बढ़ सकती है।’’

पायलट ने कहा, ‘‘लेकिन चाहे कोई कितना भी आंदोलन कर ले, हड़ताल कर ले या जनता में कितना भी आक्रोश हो, केंद्र सरकार को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि युवाओं की क्या अपेक्षाएं हैं और उनकी क्या आकांक्षाएं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुखद स्थिति है। मुझे लगता है कि सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर अपनी गलती सुधारनी चाहिए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर लोगों में विश्वास बहाल करना चाहिए।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक के बाद एक प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन किसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा युवाओं के भविष्य के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। लेकिन केंद्र सरकार को न तो इसकी चिंता है और न ही इसकी परवाह। सरकार का घमंड और अहंकार चरम पर पहुंच चुका है। बिना समय गंवाए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।’’

पायलट ने राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता इन विफलताओं का खामियाजा भुगत रही है।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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