नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि कुडनकुलम समेत सभी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थलों पर समय-समय पर सुरक्षा जांच की जाती है।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि यह जांच आंतरिक रूप से और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) द्वारा की जाती है।
मंत्री ने कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि बाहरी सरकारी एजेंसियां भी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का आकलन करती हैं। सांसद ने परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा संबंधी कमजोरियों के आकलन और ‘थर्ड-पार्टी’ सुरक्षा ऑडिट के बारे में सवाल पूछा था।
मंत्री ने कहा कि इन संयंत्रों को साइबर खतरे का पता लगाने और उनसे निपटने के लिए लगातार निगरानी करने की प्रणाली मौजूद है।
सिंह ने कहा, ‘‘एक्सेस कंट्रोल, नियमित सुरक्षा ऑडिट, जोखिम आकलन, घटना पर प्रतिक्रिया देने वाली प्रणाली और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों सहित बचाव व सुरक्षा के उपयुक्त उपाय लागू किए गए हैं।’’
यह घटनाक्रम तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक फाइल के डेटा में सेंध लगने के एक महीने के भीतर हुआ।
जुलाई में ऐसी खबरें आई थीं कि रैंसमवेयर समूह ‘वर्ल्ड लीक्स’ ने 2016 से लेकर 2025 के मध्य तक की 19,000 से अधिक बेहद संवेदनशील फाइल तक पहुंच हासिल कर ली थी।
भाषा सुभाष वैभव
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