तिरूवनंतपुरम, 30 जून (भाषा) केरल के मत्स्य पालन मंत्री पर राज्य विधानसभा में मंगलवार को सवाल उठाये जाने के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के बीच तीखी बहस हुई।
सतीशन और विजयन के बीच यह बहस माकपा के वरिष्ठ नेता की उस टिप्पणी को लेकर हुई, जिसमें उन्होंने मछली पकड़ने के मुद्दे पर जवाब देने में मत्स्य पालन मंत्री के सक्षम (मंत्री) होने को लेकर कथित तौर पर सवाल उठाए थे।
यह विवाद उस वक्त हुआ, जब विधानसभा अध्यक्ष ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के स्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने से इनकार कर दिया। एलडीएफ ने आरोप लगाया था कि राज्य में मछली पकड़ने पर 52 दिनों से जारी प्रतिबंध के दौरान मछुआरों को उचित आर्थिक सहायता नहीं दी गई।
सदन से बहिर्गमन से पहले दिए अपने भाषण में विजयन ने कहा कि जब मत्स्य पालन मंत्री वी.ई. अब्दुल गफूर स्थगन प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, उस दौरान राज्य के वन मंत्री शिबू बेबी जॉन के हस्तक्षेप करने का मकसद यह जताना था कि मत्स्य पालन मंत्री सवालों का जवाब देने के लिए ‘‘सक्षम’’ नहीं हैं।
विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर विजयन को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। इस पर मार्क्सवादी नेता ने कहा कि वह गफूर के सक्षम होने पर सवाल नहीं उठा रहे थे।
उन्होंने कहा कि जॉन ने जिस तरह से हस्तक्षेप किया, उससे ऐसा लगा कि मत्स्य पालन मंत्री सक्षम नहीं हैं, और यह उचित नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी का अपमान नहीं किया। मैं यह नहीं कह रहा कि वह (गफूर) सक्षम (मंत्री) नहीं हैं।’’
इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि एलडीएफ के सत्ता में रहने के दौरान कई स्थगन प्रस्तावों के दौरान, जब कुछ मंत्री बोल रहे थे, तब संसदीय कार्य मंत्री एम बी राजेश और कानून मंत्री पी राजीव ने हस्तक्षेप किया था और अपनी बात रखी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सदन में इसके रिकॉर्ड मौजूद हैं। जब साजी चेरियन ने प्रस्ताव पेश किया, तो जॉन ने पूछा कि क्या वह उन्हें बोलने का मौका देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए, जब मत्स्य पालन मंत्री बोल रहे थे, तो जॉन ने बीच में टोकते हुए एक अलग और पुराने मामले का जिक्र किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मत्स्य पालन मंत्री ने स्थगन प्रस्ताव का जवाब स्पष्ट तरीके से दिया। इसलिए, आप (विजयन) जैसे कद के व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी जिससे मंत्री की छवि खराब हो। मुझे उम्मीद है कि आप अपनी टिप्पणी वापस लेंगे, अन्यथा अध्यक्ष को उन्हें सदन के रिकॉर्ड से हटा देना चाहिए।’’
सतीशन की बातों का जवाब देते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री सदन को ‘‘गुमराह करने की कोशिश’’ कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर पूर्व में संसदीय मामलों या कानून मंत्रियों ने हस्तक्षेप किया था, तो ऐसा उन्होंने संबंधित मंत्री के अपनी बात पूरी करने के बाद ही किया था।
इसके बाद, विपक्ष के बहिर्गमन करने पर जॉन ने बताया कि उन्होंने सिर्फ यह बताने के लिए हस्तक्षेप किया था कि ओमन चांडी सरकार द्वारा शुरू की गई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वामपंथी सरकार ने रोक दिया था।
भाषा सुभाष माधव
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