सतीशान ने 2001, 2006 के विधानसभा चुनावों में आरएसएस से समर्थन मांगा था: संघ के एक नेता का दावा

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सतीशान ने 2001, 2006 के विधानसभा चुनावों में आरएसएस से समर्थन मांगा था: संघ के एक नेता का दावा

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 03:16 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 03:16 PM IST

कोच्चि, 28 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक संगठन के प्रमुख नेता आर. वी. बाबू ने शनिवार को दावा किया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेता वी. डी. सतीशन ने 2001 और 2006 के विधानसभा चुनावों में जीत के लिए आरएसएस नेताओं से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। हालांकि कांग्रेस नेता ने इन दावों का पुरजोर खंडन किया है।

सतीशन ने कहा कि उन्होंने कभी भी आरएसएस या भाजपा से समर्थन नहीं मांगा और आरोप लगाया कि परवूर विधानसभा क्षेत्र के निवासी बाबू कांग्रेस विरोधी रुख रखते हैं।

सतीशन, परवूर सीट से ही चुनाव लड़ रहे हैं।

आरएसएस समर्थित संगठन ‘हिंदू ऐक्य वेदी’ के प्रदेश अध्यक्ष बाबू ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि सतीशन ने पहले 2006 में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने की बात से इनकार किया था, लेकिन अब उन्होंने इसे स्वीकार किया है।

बाबू ने कहा, “तो झूठ कौन बोल रहा है? इसी तरह भविष्य में उन्हें (सतीशन) यह भी स्वीकार करना पड़ेगा कि उन्होंने 2001 और 2006 में चुनाव जीतने के लिए आरएसएस की मदद मांगी थी।”

उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस को लेकर कांग्रेस का वर्तमान रुख 2001 और 2006 के मुकाबले अलग है।

बाबू ने दावा किया कि सतीशन 1996 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी. राजू से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद उन्होंने जीत के लिए आरएसएस का सहारा लिया।

बाबू ने यह भी कहा कि वह सतीशन को चुनाव में हराना चाहते हैं और उन्होंने यूडीएफ व वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को “एक ही सिक्के के दो पहलू” बताया।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि बाबू की उन्हें हराने की इच्छा ही यह साबित करती है कि उनका भाजपा या आरएसएस के साथ कोई समझौता नहीं है।

उन्होंने 2001 और 2006 में आरएसएस से समर्थन लेने के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।

सतीशन ने आरएसएस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच संबंध होने के अपने पुराने आरोप भी दोहराए।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि माकपा को समर्थन देने की घोषणा करने वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) क्या धर्मनिरपेक्ष है।

उन्होंने कहा, “जब माकपा वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया और जमात-ए-इस्लामी के हमारे समर्थन पर सवाल उठा सकती है, तो हम भी उनसे पीडीपी को लेकर सवाल कर सकते हैं।”

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि माकपा को वेलफेयर पार्टी से केवल इसलिए आपत्ति है क्योंकि वह यूडीएफ का समर्थन कर रही है।

भाषा खारी नरेश

नरेश

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