जैविक विरासत के संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की अहम भूमिका: भूपेंद्र यादव

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जैविक विरासत के संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की अहम भूमिका: भूपेंद्र यादव

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 10:23 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत की जैविक विरासत के संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय वन्यजीव संस्थान के अनुसंधान, प्रशिक्षण और नीति-सहयोग संबंधी ढांचे को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप मजबूती से तैयार किया जाना चाहिए।

यादव ने कोयंबटूर स्थित केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा (सीएएसएफओएस) में आयोजित भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) सोसायटी की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की।

यह डब्ल्यूआईआई सोसायटी के हालिया पुनर्गठन के बाद पहली बैठक थी। इससे पहले नामित सदस्यों का तीन वर्षीय कार्यकाल इस वर्ष अप्रैल में समाप्त हो गया था।

सोसायटी को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि संस्थागत कार्ययोजना में मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान, प्रौद्योगिकी आधारित प्रबंधन और दक्षता विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि देश में वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी जटिल चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

बैठक के दौरान डब्ल्यूआईआई के निदेशक एवं सोसायटी के सदस्य-सचिव जी. एस. भारद्वाज ने संस्थान की स्थापना से अब तक की प्रमुख उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने संस्थान की वर्तमान प्राथमिकताओं और कार्ययोजना की भी समीक्षा पेश की।

भाषा आशीष माधव

माधव