तिरुवनंतपुरम, 11 जून (भाषा) केरल में शिगेला संक्रमण के लगातार मामले सामने आने के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम में छह, कोल्लम में दो और कोझिकोड में तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
मुरलीधरन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये वायनाड में पहले से सामने आए नौ मामलों के अतिरिक्त हैं।
उन्होंने आश्वस्त किया कि फिलहाल इस संक्रमण को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है।’’
मंत्री ने बताया कि राज्य में फिलहाल 578 लोगों में संक्रमण के लक्षण देखे जा रहे हैं और सात नमूनों के परिणाम अभी आने बाकी हैं।
मुरलीधरन ने कहा कि इस संक्रमण के कारण राज्य में 55 लोगों को विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 47 वायनाड में, तीन-तीन तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में तथा दो कोल्लम में हैं।
वायनाड की स्थिति पर मंत्री ने कहा कि वहां अधिकांश संक्रमित एक सहायता प्राप्त स्कूल के छात्र हैं। स्कूल के कुएं के पानी में विषाणुओं की भारी मौजूदगी पाई गई और उसे दूषित घोषित किया गया है।
हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि कुएं के पानी में मौजूद अन्य विषाणुओं से शिगेला को अलग करना मुश्किल है।
मंत्री ने कहा, ‘‘स्कूल के बोरवेल के पानी में कोई विषाणु नहीं मिले।’’
खाद्य सुरक्षा विभाग को भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और व्यक्तिगत, खाद्य तथा पर्यावरणीय स्वच्छता बनाए रखें। लक्षण दिखने पर लोगों को बिना देर किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने की सलाह दी गई है।
जिला अधिकारी ने शिगेला प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में 14 जून तक सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।
शिगेला एक विषाणु जनित संक्रमण है, जो दस्त, बुखार और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं पैदा करता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी इसके फैलने का खतरा रहता है।
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खारी नरेश
नरेश