अयोध्या, छह जुलाई (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन की जांच जारी रहने के बीच सोमवार को यहां एक बैठक के दौरान अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिये। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सदस्य कृष्ण मोहन को महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का भी निर्णय लिया गया।
यह बैठक शाम को समाप्त हुई, जिसके बाद ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास कार्यक्रम स्थल से चले गए।
बैठक राम जन्मभूमि परिसर के अंदर दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू हुई जिसमें ट्रस्ट के नौ स्थायी सदस्यों में से सात ने भाग लिया।
मंदिर के दान के गबन के आरोपों के बाद राय और मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफे पर विचार-विमर्श करने, मामले की एसआईटी जांच की प्रगति की समीक्षा करने और इस्तीफे स्वीकार किए जाने पर ट्रस्ट में प्रमुख पदों पर नियुक्तियों पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।
बैठक से पहले, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा था कि वह राम लला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से ‘‘बहुत दुखी’’ हैं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।
उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि कथित अपराध से जुड़े सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
राम मंदिर परिसर के आसपास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, संपर्क मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। मीडिया कर्मियों एवं अन्य लोगों के निजी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था।
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बैठक स्थल को मणिराम दास छावनी से मंदिर परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था।
मंदिर के दान की कथित चोरी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक एसआईटी ने पिछले महीने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांचकर्ताओं ने हटाए गए सीसीटीवी फुटेज भी बरामद किए हैं, जिसमें कथित तौर पर कुछ आरोपी मंदिर परिसर से बाहर जाते समय नोटों को छिपाते हुए नजर आ रहे हैं।
भाषा चंदन जफर
राजकुमार
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