सिक्किम फिल्म महोत्सव शुरू, मुख्यमंत्री तमांग ने रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला बताया

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सिक्किम फिल्म महोत्सव शुरू, मुख्यमंत्री तमांग ने रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला बताया

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 08:38 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 08:38 PM IST

गंगटोक, 19 मार्च (भाषा) सिनेमा को सीमाओं से परे एक शक्तिशाली माध्यम बताते हुए, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रथम सिक्किम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन राज्य को कला और संस्कृति के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मनन केंद्र में उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए तमांग ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य सिक्किम को सिनेमा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में स्थापित करना तथा युवाओं के लिए अवसर पैदा करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘सिक्किम, राज्य के रूप में अपने गठन के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, ऐसे में यह स्वर्ण जयंती हमारे लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, हमें पहली बार सिक्किम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की मेजबानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।’’

राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन राज्यपाल ओपी माथुर ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव किस्सागोई की कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ संवाद, सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।

तमांग ने कहा कि महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए लघु फिल्म प्रतियोगिता, रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक फिल्म बाजार और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा संचालित कार्यशालाएं शामिल हैं, जो एक मजबूत रचनात्मक परिवेश के विकास में योगदान देती हैं।

उन्होंने सिक्किम में नेपाली फिल्म प्रमाणन बोर्ड की स्थापना के प्रस्ताव के बारे में भी बात की, जिसका उद्देश्य फिल्म निर्माताओं के लिए साजो-सामान संबंधी चुनौतियों को कम करना और नेपाली भाषा के सिनेमा के विकास में सहयोग देना है।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश