बेंगलुरु, पांच अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘कुछ राजनीतिक दल’’ राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू धर्म पर अपना एकाधिकार स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।
शिवकुमार ने कहा कि धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है और कोई भी पार्टी मंदिरों, देवी-देवताओं या हिंदुओं पर अपना विशेष अधिकार होने का दावा नहीं कर सकती।
कर्नाटक राज्य मुजराई (हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती विभाग) द्वारा आयोजित मंदिर पुजारी संघ और कर्मचारी संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने मंदिर पुजारियों से कांग्रेस सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से किए गए वादों को पूरा करने के साथ-साथ धार्मिक मूल्यों और परंपराओं की रक्षा की है।
शिवकुमार ने कहा कि केवल एक भगवा शॉल ओढ़कर वे दावा करते हैं कि ‘‘सभी मंदिर हमारे हैं, सभी भगवान हमारे हैं और सभी हिंदू हमारे हैं।’’
उन्होंने सवाल किया कि हिंदुओं पर इस तरह का दावा आखिर किस दिशा में ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या मैं हिंदू नहीं हूं? क्या मुजराई मंत्री रामलिंगा रेड्डी हिंदू नहीं हैं? क्या पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया एक हिंदू नहीं हैं? क्या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक हिंदू नहीं हैं? हम सभी हिंदू हैं।’’
उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है और कोई भी व्यक्ति यह तय नहीं करता कि उसका जन्म किस धर्म या जाति में होगा। उन्होंने कहा कि जन्म, विवाह और मृत्यु सहित जीवन के हर चरण में धार्मिक परंपराएं जुड़ी होती हैं।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘हम अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को छोड़कर नहीं जी सकते।’’
उन्होंने दावा किया कि किसी भी पिछली सरकार ने धार्मिक संस्थानों के लिए इतनी प्रतिबद्धता से काम नहीं किया और कहा कि पुजारियों ने मुजराई मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ-साथ सरकार पर भी विश्वास जताया है।
कवि सर्वज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नींबू से अधिक खट्टा कुछ नहीं, भृंग (कीड़े) से अधिक काला कुछ नहीं, शंभु (भगवान शिव) से बड़ा कोई देव नहीं और विश्वास से बड़ा कोई गुण नहीं।’’
उन्होंने कहा कि पुजारियों का सरकार पर भरोसा उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुजराई विभाग के अंतर्गत करीब 34,000 मंदिरों के होने का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने पुजारियों को भगवान और भक्तों के बीच सेतु बताया तथा उनसे सरकार का समर्थन जारी रखने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बोलते हैं तो आप भगवान की ओर से बोलते हैं… हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह सरकार बनी रहे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने प्रार्थना की थी कि यदि उन्हें सरकार बनाने का अवसर मिला तो वह कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाओं को लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, अन्न भाग्य, शक्ति और युवा निधि जैसी योजनाएं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई हैं।
भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवकुमार ने पूछा कि क्या हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे वादे पूरे हुए। उन्होंने कहा, ‘‘वे केवल वादे रह गए। लेकिन हमने जो भी वादा किया, उसे पूरा किया।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कल्याण के लिए कदम उठाए हैं तथा सरकारी स्तर पर निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका लोगों और अवसरों के बीच सेतु की होनी चाहिए, जैसे पुजारी भक्तों और भगवान के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में हिंदू धार्मिक संस्थानों के लिए मुजराई विभाग और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए अल्पसंख्यक विकास विभाग है। उन्होंने कहा कि लोग अपने धर्म को मानने या बदलने के लिए स्वतंत्र हैं और आस्था व्यक्तिगत विषय है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां किसी पर कुछ थोपने के लिए नहीं हैं। धर्म व्यक्तिगत विश्वास पर आधारित है।’’
उन्होंने कहा कि सरकारों का मूल्यांकन उनके काम के आधार पर होना चाहिए, केवल बयानबाजी के आधार पर नहीं।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप