केरल: सोनाक्षी सिन्हा और पेटा इंडिया ने पल्लीपुरम श्रीकृष्ण मंदिर को भेंट की हाथी की प्रतिकृति

Ads

केरल: सोनाक्षी सिन्हा और पेटा इंडिया ने पल्लीपुरम श्रीकृष्ण मंदिर को भेंट की हाथी की प्रतिकृति

  •  
  • Publish Date - January 25, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 06:48 PM IST

त्रिशूर (केरल), 25 जनवरी (भाषा) बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और ‘पेटा इंडिया’ ने प्रसिद्ध पल्लीपुरम श्रीकृष्ण मंदिर को एक यांत्रिक हाथी भेंट किया है, जिसका अनावरण रविवार को किया गया।

पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन ‘पेटा इंडिया’ ने एक बयान में कहा कि तीन मीटर ऊंचे और 500 किलोग्राम वजनी इस यांत्रिक हाथी को पल्लीपुरम उन्नीकृष्णन नाम दिया है और। इसे मंदिर को दान में दिया गया, क्योंकि मंदिर ने हाथियों को कभी नहीं रखने या किराए पर लेने का निर्णय लिया था।

उसने बयान में कहा, ‘‘2024 तक, मंदिर वार्षिक पूरम उत्सव के लिए तीन से पांच हाथियों का उपयोग करता था। लेकिन, पशु कल्याण और भक्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, मंदिर ने पूरम उत्सव के दौरान एक यांत्रिक हाथी – इरिंजडापिल्ली रमन – को शामिल किया। अब वह हाथियों का उपयोग नहीं करना चाहता।’’

उसने कहा कि यांत्रिक हाथी का उपयोग मंदिर द्वारा समारोहों में किया जाएगा और इसका उद्घाटन ‘मेलम’ प्रदर्शन के साथ किया गया।

यह ‘पेटा इंडिया’ द्वारा मंदिरों को दान किया गया 19वां यांत्रिक हाथी है और केरल में यह 10वां है।

पेटा ने कहा, ‘‘एक यांत्रिक हाथी असली हाथी की तरह दिखता है, महसूस होता है और काम करता है। यह अपना सिर हिला सकता है, अपने कान और आंखें हिला सकता है, अपनी पूंछ हिला सकता है, अपना सूड़ उठा सकता है और यहां तक ​​कि पानी भी छिड़क सकता है। इस पर चढ़ा जा सकता है और इसकी पीठ पर सीट लगाई जा सकती है। यह बिजली के स्रोत में प्लग लगाकर आसानी से संचालित होता है और इसे अनुष्ठानों और जुलूसों के लिए पहिए वाले आधार पर ले जाया जा सकता है।’’

सोनाक्षी ने इसी बयान में कहा है कि ईश्वर की हर रचना सम्मान की हकदार है और मंदिर में यांत्रिक हाथी के आने से हाथियों को आजादी दिलाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘पल्लीपुरम उन्नीकृष्णन इस बात का एक सुंदर उदाहरण है कि कैसे परंपरा और प्रौद्योगिकी भले के लिए एक साथ आ सकती हैं।’’

मंदिर के तंत्री (प्रधान पुजारी) अन्निमंगलम नारायणन नंबूदरी ने कहा कि जब दो साल पहले एक यांत्रिक हाथी का इस्तेमाल किया गया था, तो भक्तों ने इसे बहुत पसंद किया था और उत्सव भी सुरक्षित रूप से आयोजित किए गए थे।

भाषा राजकुमार धीरज

धीरज