नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की बार-बार सामने आ रही घटनाओं को शिक्षा व्यवस्था की ‘‘बड़ी संस्थागत विफलता’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे छात्रों का भरोसा टूट गया है।
छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोगोई ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षाओं में व्यवधान की बार-बार होने वाली घटनाओं से छात्रों के बीच यह धारणा बन गई है कि यह समस्या कुछ व्यक्तियों की गलती नहीं, बल्कि ‘‘व्यवस्थागत’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के छात्रों का भरोसा टूट गया है। इतने टूटे हुए सपनों की जिम्मेदारी कौन लेगा?’’
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गोगोई ने कहा, ‘‘यदि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनके माता-पिता आर्थिक बोझ झेल रहे हैं तो किसी न किसी को इसकी जवाबदेही लेनी होगी।’’
कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत छात्रों से संवाद स्थापित कर प्रश्नपत्र लीक, भर्ती में देरी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यापक मुद्दों पर उनकी राय और शिकायतें एकत्र की जाएंगी।
एनएसयूआई नेताओं के अनुसार, अभियान की शुरुआत देशभर में 28 स्थानों पर एक साथ की गई है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में संपर्क कार्यक्रम, टाउन हॉल बैठकें, नुक्कड़ सभाएं, जनसंवाद और पर्चा वितरण अभियान चलाए जाएंगे।
परीक्षाओं से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए गोगोई ने कहा कि अब अनेक छात्रों का मानना है कि इन समस्याओं की जड़ें गहरी संस्थागत कमियों में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब यह हर साल दोहराया जाता है तो छात्र समुदाय में यह धारणा बन गयी है कि यह किसी एक व्यक्ति की विफलता नहीं बल्कि पूरे तंत्र की विफलता है।’’
गोगोई ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल में कोटा में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया था और इसे देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा व्यापक संकट बताया था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप देश का युवा आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यदि युवा आगे नहीं बढ़ पाएगा, तो देश भी आगे नहीं बढ़ सकेगा।’’
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